मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। ढमोला नदी से जुड़ी करीब 10 साल पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में अब विधानसभा स्तर पर महत्वपूर्ण पहल हुई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की समय याचिका समिति की सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से संबंधित बैठक में सहारनपुर देहात विधायक आशु मलिक ने ढमोला नदी, ढमोला, गोकलपुर और मढ़ क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
विधानसभा भवन में हुई बैठक के दौरान विधायक आशु मलिक ने ढमोला नदी के तटबंध की पिचिंग से जुड़े मामले को समिति के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पिछली सुनवाई में तटबंध की पिचिंग का कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई थी, जबकि मौके पर स्थिति इससे अलग मिली। विधायक ने स्थलीय स्थिति को अधिकारियों और समिति के सामने रखते हुए संबंधित समस्याओं का वास्तविक समाधान कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक के दौरान ढमोला नदी क्षेत्र में पुल निर्माण और आवागमन से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर सहारनपुर के नगर आयुक्त सहित सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों को बैठक में बुलाकर क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों के समक्ष स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और आवागमन में होने वाली परेशानियों को रखा गया।
समिति के सभापति के निर्देश पर अब नगर निगम, सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) की संयुक्त टीम ढमोला, गोकलपुर और मढ़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करेगी। टीम को निरीक्षण के बाद एक माह के भीतर समिति को रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन-किन स्थानों पर पुल निर्माण की आवश्यकता है और संबंधित कार्यों के लिए किस विभाग की क्या जिम्मेदारी होगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि नगर निगम की सीमा में आने वाले स्थानों पर आवश्यक पुलों का निर्माण नगर निगम द्वारा कराया जाएगा। इस निर्णय से उन क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लंबे समय से नदी और बरसाती जलधाराओं के कारण आवागमन की समस्या बनी हुई है।
विधायक आशु मलिक ने ग्राम विकास विभाग से संबंधित अपने विधानसभा क्षेत्र की अन्य प्रमुख समस्याओं को भी समिति के समक्ष रखा। इनमें सड़क निर्माण सहित क्षेत्र की विभिन्न आवश्यकताओं को शामिल किया गया। इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए समिति के सभापति के माध्यम से ग्राम विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भी सौंपे गए।
इसके साथ ही विधायक ने सिंचाई विभाग से संबंधित अन्य समस्याओं को भी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सचिव के समक्ष पत्र के माध्यम से रखा। उन्होंने अधिकारियों से समस्याओं का परीक्षण कर जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
विधायक आशु मलिक ने कहा कि ढमोला नदी से जुड़ी करीब एक दशक पुरानी समस्या को अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसका स्थायी समाधान जमीन पर दिखाई देना चाहिए। संयुक्त विभागीय टीम के स्थलीय निरीक्षण और एक माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्णय को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब स्थानीय लोगों की नजर संयुक्त टीम के निरीक्षण और उसकी रिपोर्ट पर टिकी है।








