गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर में तेज और सुगम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने की दिशा में गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर को महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इस प्रस्तावित कॉरिडोर के जरिए गाजियाबाद को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ग्रेटर नोएडा और नोएडा से सीधे हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर की प्रारंभिक डीपीआर तैयार होने की जानकारी सामने आई है। करीब 72.44 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 20,640 करोड़ रुपये बताई गई है। इस रूट पर नमो भारत RRTS और लोकल मेट्रो दोनों सेवाओं को एक ही ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित करने की योजना है। प्रस्तावित कॉरिडोर पर ट्रेनों की अधिकतम गति करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटा रखे जाने की बात सामने आई है।
50 मिनट से कम में गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट
प्रस्तावित कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तेज कनेक्टिविटी के रूप में देखा जा रहा है। योजना के अनुसार गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक का सफर करीब 50 मिनट से कम समय में पूरा किया जा सकेगा। वहीं दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचने में करीब 70 मिनट से कम समय लगने का अनुमान है।
इसके अलावा दिल्ली एयरोसिटी से नोएडा एयरपोर्ट की यात्रा करीब 80 मिनट और मेरठ के बेगमपुल से एयरपोर्ट तक की यात्रा करीब 85 मिनट से कम समय में पूरी होने की संभावना जताई गई है। इस तरह यह कॉरिडोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के बड़े हिस्से से सीधे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
22 स्टेशनों वाला होगा कॉरिडोर
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर पर कुल 22 स्टेशन होने की जानकारी दी गई है। इनमें नोएडा एयरपोर्ट स्टेशन को छोड़कर अधिकांश स्टेशन एलिवेटेड होंगे। कॉरिडोर का करीब 71.5 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और लगभग 1.29 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नमो भारत स्टेशन भूमिगत बनाए जाने की योजना है। यह स्टेशन एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 और ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर के नजदीक प्रस्तावित है, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट परिसर से रेल कनेक्टिविटी आसानी से मिल सके।
प्रस्तावित नेटवर्क में 11 स्टेशन नमो भारत RRTS के लिए और 11 स्टेशन लोकल मेट्रो सेवा के लिए बताए गए हैं। दोनों सेवाओं के कई स्टेशन साझा होंगे। मेट्रो सेवा को नमो भारत स्टेशन से इकोटेक-VI तक चलाने की योजना है। इकोटेक-VI में डिपो और वर्कशॉप प्रस्तावित है, जबकि YEIDA सेक्टर-21 में सहायक डिपो विकसित किए जाने की योजना है।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत से भी जुड़ेगा नेटवर्क
गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसका दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर से जुड़ना है। गाजियाबाद स्टेशन के माध्यम से यात्री दिल्ली-मेरठ RRTS नेटवर्क से कनेक्ट हो सकेंगे। इससे मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो सकता है।
प्रस्तावित रूट में साहिबाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक, सूरजपुर, कासना, YEIDA के विभिन्न सेक्टर और इकोटेक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र जुड़ने की संभावना है। सूरजपुर और ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क को भी इस नेटवर्क के महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में देखा जा रहा है।
नोएडा मेट्रो और दिल्ली मेट्रो से भी कनेक्टिविटी
गाजियाबाद से जेवर तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर केवल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौजूदा मेट्रो नेटवर्क के साथ भी बेहतर इंटरचेंज उपलब्ध कराने की योजना है। गाजियाबाद से दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन और अन्य परिवहन नेटवर्क से जुड़ने का विकल्प मिलेगा। वहीं ग्रेटर नोएडा में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन से भी कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।
इससे दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को तेज और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।
एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद
नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ यात्रियों और कर्मचारियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर को एयरपोर्ट तक तेज सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर निजी वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
परियोजना से ग्रेटर नोएडा, YEIDA सिटी और जेवर क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है। बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी के कारण इन क्षेत्रों में निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
वेस्ट यूपी के शहरों को भी मिलेगा फायदा
गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर का लाभ केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। दिल्ली-मेरठ RRTS के साथ कनेक्टिविटी बनने पर मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों से भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान हो सकती है।
परियोजना में केंद्र सरकार के साथ उत्तर प्रदेश सरकार, YEIDA और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की भागीदारी प्रस्तावित है। केंद्र सरकार की ओर से परियोजना में 50 प्रतिशत फंडिंग किए जाने की बात सामने आई है, जबकि शेष राशि में राज्य सरकार और संबंधित विकास प्राधिकरणों का योगदान प्रस्तावित है।
गाजियाबाद से जेवर तक प्रस्तावित यह हाईस्पीड कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर के परिवहन नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। नमो भारत RRTS और लोकल मेट्रो के एकीकृत संचालन से यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए यह परियोजना दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से से सीधा परिवहन संपर्क विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।









