मुंबई, अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच भारतीय रुपया शुक्रवार को तीन पैसे मजबूत होकर 95.42 रुपये प्रति डॉलर (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, विदेशी पूंजी की निकासी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितताओं का असर रुपये की चाल पर दिखाई दे रहा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.39 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान घरेलू मुद्रा ने 95.38 से 95.44 रुपये प्रति डॉलर के सीमित दायरे में कारोबार किया।
कारोबार के अंत में रुपया 95.42 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले तीन पैसे की मजबूती है। इससे पहले बृहस्पतिवार को रुपया 12 पैसे कमजोर होकर 95.45 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर की वैश्विक चाल, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में रुपये की दिशा के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगी। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ने का दबाव रुपये पर भी पड़ सकता है।
वहीं, शेयर बाजार में भी वैश्विक संकेतकों और विदेशी निवेश के रुख पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। हाल के कारोबारी सप्ताह में भारतीय इक्विटी बाजार दबाव में रहा और 14 अगस्त को निफ्टी 50 करीब 0.8 प्रतिशत तथा सेंसेक्स करीब 0.6 प्रतिशत नीचे बंद हुआ था।








