गय्यूर मलिक
बेहट। कस्बे के मोहल्ला महाजनान स्थित शिव मंदिर परिसर में चल रही शिव महापुराण कथा में बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर धार्मिक एवं आध्यात्मिक लाभ लिया।
कथावाचक आत्मानुभवी महाराज ने शिव महापुराण कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भारत की विश्व वंदनीय एवं मानव कल्याणकारी संस्कृति सदियों से श्रद्धालुओं, जिज्ञासुओं, संतों और महंतों की प्रबल आस्था का केंद्र रही है। भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत मानव जीवन परम कल्याण और शांति का स्वरूप है। उन्होंने कहा कि भारत की महान संस्कृति की साधकों, मुनियों और तपस्वियों ने युगों-युगों तक प्रशंसा की है।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग भारत में रहते हुए ही भारतीय संस्कृति का अपमान करते हैं और अपने घर के कोहिनूर हीरे को साधारण पत्थर समझने की भूल करते हैं। जब मनुष्य अपनी धर्म और संस्कृति से दूर हो जाता है, तभी उसके जीवन में दुख और अशांति बढ़ती है। भौतिक जगत की चकाचौंध जहां मनुष्य को अज्ञानता के अंधेरे की ओर ले जाती है, वहीं हमारे सद्ग्रंथ उसे आंतरिक जगत का ज्ञान कराकर सही मार्ग दिखाते हैं।
कथा के दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन में दिनेश सिंघल, अनिल सिंघल, सुधीर कर्णवाल, सत्य प्रकाश रोहिला, अजय कुमार सिंघल, अशोक शर्मा, पंकज शर्मा, दीपक सिंघल, रमन भारद्वाज, आशु गर्ग, राहुल वर्मा, वशिष्ठ, विपिन सिंघल, सुंदर भटनागर, लिटिल सिंघल, सचिन, दिग्वा सहित अन्य श्रद्धालुओं एवं आयोजन समिति के सदस्यों का सहयोग रहा।








