शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगरायुक्त शिपू गिरि की अध्यक्षता में टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक हुई, जिसमें शहर के स्ट्रीट वेंडरों के नियमन, कल्याण और बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। नगरायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को वेंडरों के साथ सौहार्दपूर्ण एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए।
नगरायुक्त ने कहा कि वर्तमान टाउन वेंडिंग समितियां वर्ष 2017 और 2022 में गठित हुई थीं। इनमें सक्रिय सदस्यों को शामिल करते हुए समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके अलावा जोनल अधिकारियों की अध्यक्षता में जोनल और वार्ड पार्षदों की अध्यक्षता में वार्ड स्तरीय समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडर शहरवासियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए यातायात व्यवस्था प्रभावित किए बिना उनके लिए गरिमापूर्ण, स्वच्छ और व्यवस्थित वेंडिंग व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। नगरायुक्त ने प्रत्येक वार्ड में सर्वे कर नियमित और अनियमित वेंडिंग स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए। जहां वर्तमान में वेंडिंग हो रही है, संभव हो तो उसी स्थान को वेंडिंग जोन के रूप में अधिसूचित करने पर जोर दिया गया, ताकि वेंडरों का ग्राहक वर्ग प्रभावित न हो।
उन्होंने मुख्य अभियंता को वेंडिंग क्षेत्रों में शौचालय, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं का आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई कर्मियों को वेंडरों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने तथा जोनल अधिकारियों को नियमित बैठक कर स्वच्छता संबंधी समस्याओं का समाधान करने को कहा।
बैठक में पीएम स्वनिधि पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर सभी स्ट्रीट वेंडरों को पहचान पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया। इससे अवैध वसूली पर रोक लगाने और पात्र वेंडरों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलेगी। बैंकों से संबंधित समस्याओं को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में उठाकर समाधान कराने तथा पात्र वेंडरों को अगली ऋण किश्त दिलाने के लिए भी निर्देश दिए गए।
नगरायुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में पार्षदों, टीवीसी सदस्यों और वेंडर प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में जोनल अधिकारी, समाज के प्रतिनिधि, पार्षद मोहर सिंह, वीर सेन, राजू सिंह तथा स्ट्रीट वेंडर प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पहचान पत्र अनिवार्य
नगरायुक्त ने वेंडिंग शुल्क वसूलने वाली एजेंसी को अपने कर्मचारियों की सूची वेंडरों के साथ साझा करने और वसूली कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र पहनना अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रकार के शुल्क केवल पीओएस मशीन के माध्यम से वसूलने तथा मौके पर रसीद देने को कहा, ताकि वेंडरों के उत्पीड़न की किसी भी संभावना को रोका जा सके।








