मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। । 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सहारनपुर की राजनीति में मसूद परिवार को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। परिवार के भीतर से ही सामने आए एक फेसबुक लाइव वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के भतीजे हमजा मसूद ने फेसबुक लाइव पर आकर अपने बड़े भाई शायान मसूद को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव से भी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।
हमजा मसूद का यह लाइव वीडियो सामने आने के बाद मसूद परिवार के राजनीतिक और पारिवारिक समीकरणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, लाइव के दौरान लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में इन आरोपों को हमजा मसूद के दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।
हमजा मसूद ने फेसबुक लाइव के दौरान अपने चाचा शायान मसूद पर परिवार के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने और अपनी बहन के साथ मारपीट तथा गाली-गलौज करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का निजी विवाद नहीं है, बल्कि जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय होता है तो उसके आचरण को लेकर भी सवाल उठते हैं।
लाइव के दौरान हमजा मसूद काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने पिता नोमान मसूद की तबीयत का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। हमजा के अनुसार उनके पिता गंभीर स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रहे हैं और परिवार इस समय चिंता में है। उन्होंने दावा किया कि इमरान मसूद अस्पताल में अपने भाई नोमान मसूद की देखभाल में मौजूद हैं, जबकि उनके आरोप के मुताबिक शायान मसूद राजनीतिक गतिविधियों और बयानों में व्यस्त हैं।
हमजा मसूद ने कहा कि परिवार के सदस्य के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए थी। उन्होंने इसी संदर्भ में शायान मसूद की राजनीतिक सक्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब परिवार कठिन दौर से गुजर रहा हो, तब प्राथमिकता परिवार और रिश्तों की होनी चाहिए।
बहन से कथित मारपीट का लगाया आरोप
फेसबुक लाइव में हमजा मसूद ने अपनी बहन, जिसे उन्होंने इमरान मसूद की बेटी बताया, के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और कथित तौर पर मारपीट भी हुई। हमजा ने इन आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि बेटियों के सम्मान का सवाल किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है।
इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव को संबोधित करते हुए भावनात्मक अपील की। हमजा ने कहा कि एक महिला और एक बेटी के सम्मान को लेकर किसी भी राजनीतिक दल को संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी नेतृत्व से शायान मसूद को लेकर लगाए गए आरोपों पर ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
हमजा मसूद ने अपने लाइव में कहा कि किसी भी परिवार में महिलाओं और बेटियों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने अपने आरोपों के संदर्भ में सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति कथित तौर पर अपने ही परिवार की महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता तो वह समाज और जनता के प्रति किस तरह की जिम्मेदारी निभाएगा।
अखिलेश यादव से भी की कार्रवाई की मांग
हमजा मसूद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को ऐसे मामलों को गंभीरता से देखना चाहिए और किसी व्यक्ति को राजनीतिक जिम्मेदारी देने या पार्टी से जोड़ने से पहले उसके व्यवहार और पृष्ठभूमि पर भी विचार करना चाहिए।
हमजा ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक व्यक्ति को बदनाम करना नहीं, बल्कि अपनी बहन और परिवार के सम्मान से जुड़े मुद्दे को सामने रखना है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्ष अथवा किसी स्वतंत्र जांच से नहीं हुई है।
राजनीतिक रूप से देखा जाए तो यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सहारनपुर की राजनीति में मसूद परिवार लंबे समय से एक महत्वपूर्ण नाम रहा है। परिवार के अलग-अलग सदस्यों की राजनीतिक गतिविधियां समय-समय पर चर्चा में रही हैं। ऐसे में परिवार के भीतर से किसी सदस्य द्वारा सार्वजनिक मंच पर दूसरे सदस्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जाने से राजनीतिक चर्चाओं को स्वाभाविक रूप से बल मिला है।
2027 से पहले परिवार की अंदरूनी खींचतान बनी चर्चा का विषय
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होने के बीच सहारनपुर की राजनीति भी गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। ऐसे समय में मसूद परिवार से जुड़ा यह विवाद सामने आना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सियासी जानकारों की नजर इस बात पर रहेगी कि इस विवाद का असर आने वाले दिनों में परिवार के राजनीतिक संबंधों पर कितना पड़ता है। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समाजवादी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस प्रकरण पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया देता है या नहीं।
हमजा मसूद ने अपने लाइव वीडियो में सहारनपुर की जनता से भी अपील की। उन्होंने कहा कि जनता को नेताओं के व्यक्तिगत और सार्वजनिक आचरण को देखकर ही अपना फैसला करना चाहिए। उन्होंने अपने आरोपों के संदर्भ में लोगों से ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहने की बात कही।
लाइव के दौरान हमजा मसूद की भावुकता भी चर्चा का विषय बनी। कई बार वह अपने पिता की बीमारी और परिवार की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए भावुक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि उनके पिता अस्पताल में भर्ती हैं और परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है। इसी के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि इस समय भी परिवार के कुछ सदस्य राजनीतिक गतिविधियों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं
मसूद परिवार की राजनीति पर भी पड़ेगा असर?
सहारनपुर की राजनीति में मसूद परिवार का अपना प्रभाव रहा है। परिवार के अलग-अलग सदस्यों के राजनीतिक संबंध और गतिविधियां पहले भी चर्चा में रही हैं। अब जब परिवार के एक सदस्य ने दूसरे सदस्य के खिलाफ सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगाए हैं तो इसका असर केवल पारिवारिक रिश्तों तक सीमित रहेगा या राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगा, यह आने वाला समय बताएगा।
2027 के चुनाव से पहले यदि यह विवाद लंबा खिंचता है तो विपक्षी दलों को भी राजनीतिक मुद्दा मिल सकता है। वहीं समाजवादी पार्टी के लिए भी यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह इस विवाद को किस तरह संभालती है। यदि पार्टी नेतृत्व कोई जांच या स्पष्टीकरण मांगता है तो मामला और आगे बढ़ सकता है, जबकि चुप्पी रहने की स्थिति में भी राजनीतिक चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।
फिलहाल हमजा मसूद के फेसबुक लाइव ने मसूद परिवार से जुड़े पुराने और नए राजनीतिक समीकरणों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ परिवार के सदस्य की गंभीर बीमारी का दावा सामने आया है, दूसरी ओर परिवार के ही सदस्य द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए गंभीर आरोपों ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि शायान मसूद इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं, समाजवादी पार्टी नेतृत्व क्या रुख अपनाता है और क्या इस पूरे मामले में कोई औपचारिक शिकायत या जांच सामने आती है।
फिलहाल इतना जरूर है कि 2027 के चुनाव से पहले मसूद परिवार का यह विवाद सहारनपुर की सियासत में चर्चा का नया केंद्र बन गया है। परिवार के भीतर उठे सवाल अब सार्वजनिक मंच तक पहुंच चुके हैं और आने वाले दिनों में इनका राजनीतिक असर कितना दिखाई देता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।








