शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर पीडीए वर्ग के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा किया है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भाजपा ने अच्छे दिनों का सपना दिखाकर जनता को महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं के बीच छोड़ दिया है।
सपा ने आरोप लगाया कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की गई। पार्टी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीडीए वर्ग के लोगों के खिलाफ अपराध, हत्या और महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। सपा ने फर्जी मुठभेड़ और हिरासत में मौत के मामलों को लेकर भी सरकार को घेरा।
विश्वकर्मा समाज को लेकर भी लगाए आरोप
सपा के बयान में विश्वकर्मा समाज के युवाओं से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि समाज के हित में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लिए गए कई फैसलों को मौजूदा सरकार ने समाप्त कर दिया। पार्टी ने पीएम विश्वकर्मा योजना को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे कारीगरों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
पार्टी ने भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। सपा का आरोप है कि पिछले वर्षों में विभिन्न भर्तियों में पीडीए वर्ग के आरक्षित पदों पर सामान्य वर्ग की नियुक्तियां की गईं तथा कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए।
2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा
सपा ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी की सरकार बनने पर पीडीए वर्ग को न्याय, आरक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। पार्टी ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को हटाकर समाजवादी पार्टी को सत्ता सौंपेगी।








