स्टार्टअप के क्षेत्र में सहारनपुर को बड़ी उपलब्धि, अम्बिका एमएसयू इनक्यूबेटर को मिली स्टार्ट इन यूपी की मान्यता

लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदान किया प्रमाण पत्र, पांच वर्षों में 1.5 करोड़ रुपये तक के वित्तीय सहयोग के लिए हुआ पात्र

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में सहारनपुर मंडल को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित अम्बिका एमएसयू इनक्यूबेशन सेंटर को उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्ट इन यूपी नीति के तहत आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के साथ इनक्यूबेशन सेंटर आगामी पांच वर्षों में 1.5 करोड़ रुपये तक के वित्तीय सहयोग के लिए पात्र हो गया है।

इस उपलब्धि का औपचारिक सम्मान लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर-कमलों से अम्बिका एमएसयू इनक्यूबेशन सेंटर को मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा तथा वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी मौजूद रहे।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला वाई., एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिनव पुंडीर, डॉ. मितिका तथा श्री मानव उपस्थित रहे। सहारनपुर मंडल के पहले सरकारी इनक्यूबेटर के रूप में मिली यह मान्यता क्षेत्र के युवाओं, विद्यार्थियों और नवाचारकर्ताओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने वाली मानी जा रही है।

मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय एक नवस्थापित राज्य विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय की स्थापना के शुरुआती दौर में ही उसके अंतर्गत संचालित एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन ने स्टार्टअप क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन की स्थापना जून 2025 में हुई थी और जुलाई 2025 में अभिनव पुंडीर को फाउंडेशन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में कम समय में अम्बिका एमएसयू इनक्यूबेशन सेंटर के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और संस्थागत व्यवस्थाएं विकसित की गईं। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप 22 जून 2026 को परियोजना क्रियान्वयन इकाई की बैठक में इनक्यूबेटर के स्टार्ट इन यूपी मान्यता संबंधी आवेदन को स्वीकृति मिली।

मान्यता मिलने के बाद सहारनपुर मंडल और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी, नवाचारकर्ता तथा युवा उद्यमी अम्बिका एमएसयू इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप सहायता तंत्र से जुड़ सकेंगे। यहां स्टार्टअप्स को अपने नए विचारों को व्यवसाय में बदलने से लेकर प्रोटोटाइप तैयार करने और बाजार तक पहुंच बनाने में मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

स्टार्ट इन यूपी नीति के तहत पात्र स्टार्टअप्स को निर्वाह भत्ता, प्रोटोटाइप विकास सहायता, विपणन सहायता, पेटेंट सहायता तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता के लिए सहयोग मिलने के अवसर होंगे। इसके साथ ही विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, उद्यमिता प्रशिक्षण, निवेशकों एवं उद्योग जगत से संपर्क, विधिक एवं अनुपालन संबंधी सहायता तथा व्यापक स्टार्टअप नेटवर्क से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होगा।

एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन की इस उपलब्धि में सहारनपुर के महापौर डॉ. अजय कुमार, जो फाउंडेशन के स्वतंत्र निदेशक भी हैं, की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने इनक्यूबेशन सेंटर के विकास और संस्थागत मजबूती के लिए मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया। उनके अनुभव और सहयोग से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता की जरूरतों को समझने तथा युवाओं के लिए प्रभावी मंच विकसित करने में मदद मिली।

कुलपति प्रो. विमला वाई. के मार्गदर्शन में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय के शुरुआती वर्षों में ही स्टार्ट इन यूपी नीति के तहत इनक्यूबेटर को मान्यता मिलना विश्वविद्यालय की नवाचार केंद्रित सोच और संस्थागत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अम्बिका एमएसयू इनक्यूबेशन सेंटर का उद्देश्य सहारनपुर और आसपास के युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार करने वाला, उद्यम स्थापित करने वाला और रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाना है। स्टार्ट इन यूपी की मान्यता को सहारनपुर मंडल में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने और क्षेत्र के युवाओं के नए विचारों को व्यवसायिक अवसरों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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