शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । पिलखनी स्थित राधा स्वामी सत्संग केंद्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन, यातायात पुलिस और रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। भारी संख्या में संगत के पहुंचने की संभावना को देखते हुए 31 अगस्त की रात 8 बजे से 3 सितंबर की रात 10 बजे तक यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। वहीं रेलवे ने 31 अगस्त से 2 सितंबर तक सरसावा रेलवे स्टेशन पर 32 मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों के एक मिनट के अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की है। रेलवे ने संबंधित ट्रेनों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
यातायात पुलिस की ओर से जारी रूट डायवर्जन के अनुसार गागलहेड़ी की ओर से यमुनानगर और अंबाला जाने वाले वाहनों को, पिलखनी सत्संग में आने वाले वाहनों को छोड़कर, कोलकी कट बाईपास से निकाला जाएगा। सरसावा बाईपास कट से शहर में प्रवेश करने वाले तथा नकुड़ तिराहा और चिलकाना तिराहा से देहरादून, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले वाहनों को सरसावा कट यानी बाबा का ढाबा कट बाईपास से संचालित किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर, मेरठ और देवबंद की ओर से यमुनानगर-अंबाला जाने वाले वाहनों को लाखनौर अथवा कोलकी कट बाईपास से भेजा जाएगा। सहारनपुर शहर से सरसावा की ओर जाने वाले वाहनों को, पिलखनी सत्संग में आने वाले वाहनों और दोपहिया वाहनों को छोड़कर, नकुड़ तिराहा से नकुड़-गंगोह मार्ग होते हुए कुम्हारेड़ा बाईपास कट से निकाला जाएगा। शामली की ओर से आने वाले मुजफ्फरनगर, देहरादून, अंबाला और सरसावा जाने वाले वाहनों को चुन्हेटी कट बाईपास से संचालित किया जाएगा। वहीं नकुड़-गंगोह की ओर से देहरादून और यमुनानगर जाने वाले वाहनों को कुम्हारेड़ा कट बाईपास से भेजा जाएगा।
इधर, श्रद्धालुओं की रेल यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए सरसावा रेलवे स्टेशन पर 32 ट्रेनों के एक मिनट के ठहराव को मंजूरी दी गई है। रेलवे के अनुसार इसमें 18237 क्रांबा-अमृतसर एक्सप्रेस, 14631 देहरादून-अमृतसर एक्सप्रेस, 12469 कानपुर-जम्मू एक्सप्रेस, 18103 टाटा-अमृतसर एक्सप्रेस, 15212 अमृतसर-दरभंगा जननायक एक्सप्रेस, 12237 वाराणसी-जम्मू एक्सप्रेस, 13307 गंगा-सतलुज एक्सप्रेस, 14610 हेमकुंट एक्सप्रेस, 14632 अमृतसर-देहरादून एक्सप्रेस, 13152 जम्मू-कोलकाता एक्सप्रेस, 13042 हिमगिरी एक्सप्रेस, 14662 जम्मू-बाड़मेर एक्सप्रेस, 14522 अंबाला-दिल्ली एक्सप्रेस स्पेशल, 14682 जालंधर सिटी-नई दिल्ली एक्सप्रेस, 14649 सरयू-यमुना एक्सप्रेस, 14673 शहीद एक्सप्रेस, 14617 बनकी-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस, 14618 अमृतसर-बनकी जनसेवा एक्सप्रेस, 14717 बीकानेर-हरिद्वार एक्सप्रेस, 15011 लखनऊ-शामली एक्सप्रेस, 19325 इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस, 14718 हरिद्वार-बीकानेर एक्सप्रेस, 14650 सरयू-यमुना एक्सप्रेस, 14674 शहीद एक्सप्रेस, 15211 दरभंगा-अमृतसर जननायक एक्सप्रेस, 14609 हेमकुंट एक्सप्रेस, 14661 बाड़मेर-जम्मू एक्सप्रेस, 12238 जम्मू-वाराणसी एक्सप्रेस, 14524 अंबाला-मुजफ्फरपुर हरिहर एक्सप्रेस, 13308 गंगा-सतलुज एक्सप्रेस, 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस और 13151 कोलकाता-जम्मू एक्सप्रेस शामिल हैं।
रेलवे के इस अस्थायी ठहराव का मुख्य उद्देश्य सत्संग में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली बड़ी संख्या में संगत को सरसावा स्टेशन तक रेल सुविधा उपलब्ध कराना है। ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरसावा स्टेशन पर ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव की व्यवस्था पहले भी की जाती रही है।
यातायात पुलिस ने आमजन और ट्रांसपोर्टरों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्गों का ही प्रयोग करें और अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए यात्रा की योजना पहले से बनाएं। सत्संग स्थल की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित मार्गों से आवागमन की सुविधा दी जाएगी, जबकि अन्य वाहनों को डायवर्ट किए गए मार्गों से निकाला जाएगा।
सड़क और रेल मार्ग पर की गई इन विशेष व्यवस्थाओं से पिलखनी सत्संग केंद्र पहुंचने वाली संगत को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन और पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।








