शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित पोषण संबंधी योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सैम एवं मेम बच्चों की स्थिति, पोषण ट्रैकर एप, गृह भ्रमण, एनआरसी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा ईसीसीई कार्यक्रम के तहत पीटीएम कवरेज की समीक्षा की। उन्होंने धीमी प्रगति वाली गतिविधियों में तत्काल सुधार लाने तथा मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
सीडीओ ने पोषण ट्रैकर पर मेजरिंग एफिशिएंसी, होम विजिट, टीएचआर वितरण की फीडिंग समेत सभी संबंधित गतिविधियों की फीडिंग प्रत्येक माह शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण से जुड़ी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र बच्चों एवं महिलाओं तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सम्भव अभियान-6.0 का संचालन एक जुलाई से 30 सितंबर तक किया जा रहा है। अभियान के तहत सैम बच्चों के स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कर जनपद की रैंकिंग में सुधार के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने पोषण ट्रैकर पर चिन्हित सैम बच्चों की फीडिंग ई-कवच पोर्टल पर सुनिश्चित करने, चिकित्साधिकारियों के सहयोग से शून्य से छह माह तक के बच्चों की फीडिंग कराने तथा सैम बच्चों को आवश्यक छह दवाएं उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं द्वारा सैम बच्चों के फॉलोअप में तेजी लाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए।
उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर पर चिन्हित सैम एवं अति कुपोषित बच्चों को वीएचएसएनडी सत्रों में लाकर उनकी स्वास्थ्य जांच कराई जाए। आवश्यकता होने पर बच्चों को सीएचसी, पीएचसी अथवा एनआरसी में संदर्भित किया जाए। प्रत्येक वीएचएसएनडी सत्र में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अपने सभी वेइंग स्केल के साथ उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बच्चों का वजन और स्वास्थ्य जांच समय से हो सके।
गृह भ्रमण की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने के लिए सीडीओ ने प्रत्येक परियोजना से यादृच्छिक रूप से 10 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण बाल विकास परियोजना अधिकारियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप गृह भ्रमण एवं अन्य गतिविधियों की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।
एनआरएलएम विभाग को जनपद में स्थापित सात टीएचआर इकाइयों में गुणवत्तापूर्ण पोषाहार का उत्पादन और उसका समय से वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। टीएचआर के उत्पादन एवं वितरण की नियमित निगरानी करने को भी कहा गया।
बैठक में सामुदायिक आधारित गतिविधियों की समीक्षा के दौरान देवबंद, नागल एवं नानौता की जुलाई 2026 की रिपोर्ट पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित का वेतन बाधित करने तथा अधिक से अधिक सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने अधिकारियों को सैम एवं मेम बच्चों की नियमित निगरानी, पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत फीडिंग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित गृह भ्रमण, एनआरसी से संबंधित गतिविधियों, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा ईसीसीई/पीटीएम कवरेज में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा नहीं होने अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।








