मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 2 सितंबर को प्रस्तावित सहारनपुर दौरा जिले की सियासत में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। पार्टी कार्यकर्ताओं में जहां उनके दौरे को लेकर उत्साह है, वहीं राजनीतिक हलकों में इसे संगठन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। खास तौर पर पूर्व सांसद हाजी फजलुरहमान के आवास पर अखिलेश यादव की प्रस्तावित मुलाकात को लेकर तरह-तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्र सेन के आवास पर आयोजित भोज में शामिल होंगे। इसके बाद पूर्व सांसद हाजी फजलुर रहमान के आवास पर कार्यकर्ताओं से शिष्टाचार भेंट और चाय पार्टी में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अखिलेश यादव का पूर्व सांसद के आवास पर पहुंचना स्थानीय राजनीति में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाजी फजलुरहमान की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव की हाजी फजलुर रहमान से मुलाकात को केवल औपचारिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। सहारनपुर में पूर्व सांसद की सक्रियता और मुस्लिम समाज में उनकी राजनीतिक पकड़ को देखते हुए इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि,हाजी फजलुर रहमान के राजनीतिक कद या पार्टी में उनकी आगामी भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
माना जा रहा है कि अखिलेश यादव स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान संगठन की जमीनी स्थिति का फीडबैक भी ले सकते हैं। पार्टी के भीतर चल रही कथित खींचतान और मतभेदों को दूर कर संगठन को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एकजुट करने की कवायद भी इस दौरे का हिस्सा हो सकती है।
गुर्जर-मुस्लिम समीकरण पर भी नजर
सहारनपुर की राजनीति में गुर्जर और मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में सपा नेतृत्व के लिए दोनों सामाजिक समूहों के बीच राजनीतिक समन्वय बनाए रखना अहम माना जाता है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी विभिन्न सामाजिक वर्गों को साथ जोड़ने और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान क्षेत्रीय समीकरणों, संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता का फीडबैक लिए जाने की संभावना है।
6 सितंबर की रैली रद्द होने के बाद दौरा अहम
सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव की 6 सितंबर को सहारनपुर में प्रस्तावित रैली भी चर्चा में थी, लेकिन मौसम विभाग की ओर से बारिश की चेतावनी के मद्देनजर कार्यक्रम रद्द किए जाने की बात सामने आई थी। ऐसे में 2 सितंबर का प्रस्तावित दौरा सपा कार्यकर्ताओं के लिए एक अलग संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों और पार्टी से जुड़े सूत्रों का मानना है कि अखिलेश यादव इस दौरे के जरिए कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं कि सहारनपुर पार्टी की प्राथमिकता में है और आने वाले समय में यहां बड़े राजनीतिक कार्यक्रम किए जाएंगे। साथ ही व्यक्तिगत मुलाकातों और स्थानीय नेताओं से संवाद के जरिए संगठन की अंदरूनी स्थिति की जानकारी लेने की संभावना भी जताई जा रही है।
अंदरूनी कलह खत्म करने की कोशिश के भी संकेत
सपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर चल रही कथित अंदरूनी खींचतान को समाप्त करने के प्रयास भी इस दौरे के दौरान किए जा सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अखिलेश यादव का दौरा समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पार्टी नेतृत्व स्थानीय संगठन को लेकर क्या संदेश देता है और पूर्व सांसद हाजी फजलुर रहमान की भूमिका को लेकर भविष्य में कोई महत्वपूर्ण निर्णय होता है या नहीं। फिलहाल उनके आवास पर अखिलेश यादव के प्रस्तावित कार्यक्रम ने सहारनपुर की सियासत में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।








