शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। महज आधे घंटे की बारिश के बाद ही कई इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि कुछ स्थानों पर सीवर का गंदा पानी घरों में वापस पहुंचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव और सीवर की समस्या को लेकर लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी दिखाई दी।

पुराने शहर के बाजार नखासा, चौकी सराय, हलवाई हट्टा, पुराना बाजार, बाजार मोरगंज के अलावा नवीन नगर और गिल कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में बारिश का पानी सड़कों और गलियों में भर गया। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जल निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण उन्हें हर बार परेशानी झेलनी पड़ती है।
वार्ड नंबर 3 स्थित गिल कॉलोनी में सीवर लाइन की समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष रोष है। मंगलवार को लोगों ने पार्षद गौरव कपिल को मौके पर बुलाकर समस्या से अवगत कराया। सदर थाने के निकट स्थित घरों में बारिश के कुछ ही देर बाद सीवर लाइन की गंदगी वापस आने लगी। इससे घरों में दुर्गंध और गंदगी फैल गई।
क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री की लोक कल्याणकारी योजना सीएम ग्रिड फेज-1 के तहत करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों ने आरोप लगाया कि योजना के तहत किए गए कार्यों में कथित तकनीकी खामियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
पार्षद गौरव कपिल ने कहा कि जिस सीवर लाइन के माध्यम से शहर का पानी एसटीपी तक पहुंचाया जाना है, उसमें तकनीकी खामियों के कारण बारिश के दौरान गंदा पानी लोगों के घरों में वापस पहुंच रहा है। उन्होंने पूरे कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
क्षेत्रवासियों ने मांग की कि सीएम ग्रिड फेज-1 के कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराकर सीवर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान नवीन चौहान, राम कुमार सिंह, मुकेश गोयल, अजय त्यागी, पंकज गुप्ता, गिरीश वर्मा, संजीव शेखरी, आशु, शुभम, कुसुम अग्रवाल और अशोक त्यागी आदि मौजूद रहे।








