शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बुधवार को सहारनपुर दौरा पूरी तरह सियासी रंग में नजर आया। सरसावा एयरपोर्ट पर उतरने के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के जोरदार स्वागत से शुरू हुआ उनका दौरा शहर के अलग-अलग हिस्सों में वरिष्ठ नेताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों के आवास तक पहुंचा। खास बात यह रही कि अखिलेश यादव ने किसी एक कार्यक्रम तक सीमित रहने के बजाय कई प्रमुख नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात की। राजनीतिक हलकों में उनके इस दौरे को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरसावा हवाई अड्डे पर पहुंचते ही सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलने के बाद वह मेडीग्राम हॉस्पिटल के निकट स्थित रिजॉर्ट पहुंचे, जहां पूर्व मंत्री राजेंद्र राणा के पुत्र कार्तिकेय राणा ने उनका स्वागत किया। इसके बाद अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन के आवास पर पहुंचे। यहां भी पार्टी नेताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
चौधरी रुद्रसेन के आवास पर अखिलेश यादव ने पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और वर्ष 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी मजबूत जनादेश के साथ सत्ता में आएगी। उन्होंने सरकार बनने पर युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर अवसर, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों और गरीबों को राहत देने तथा महिलाओं और कमजोर वर्गों के हित में योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही।
अखिलेश यादव का अगला पड़ाव पूर्व विधायक मनोज चौधरी का आवास रहा। यहां विधायक मनोज चौधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गायत्री चौधरी सहित परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। मनोज चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का सहारनपुर आगमन कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा करने वाला है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और जनता का समर्थन पार्टी को मिलेगा।
इसके बाद अखिलेश यादव पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान के आवास पर पहुंचे। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि सहारनपुर समेत प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में 2027 में सपा की सरकार बनने का भरोसा जताया। इस दौरान अखिलेश यादव ने यहां भी पत्रकारों से बातचीत की।
सपा प्रमुख इसके बाद पूर्व मंत्री विनोद तेजियांन के आवास पर पहुंचे। विनोद तेजियांन और उनके समर्थकों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी प्रदेश में मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में सामने है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में पार्टी कार्यकर्ता पूरी ताकत से जुटेंगे और जनता के बीच समाजवादी पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को पहुंचाएंगे।
अखिलेश यादव के दौरे में पूर्व मंत्री विनोद तेजियांन, चौधरी इंद्र सेन, चौधरी रुद्रसेन, पूर्व विधायक मनोज चौधरी और पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान सहित कई वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय मौजूदगी चर्चा में रही। इन नेताओं ने भी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर खुलकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनने का दावा किया। नेताओं के बयानों में राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व पर भरोसा और चुनावी तैयारियों को लेकर आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।
अखिलेश यादव के इस दौरे की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने सहारनपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे मुलाकात की। उनका कार्यक्रम किसी बड़े सार्वजनिक मंच के बजाय नेताओं के आवास और व्यक्तिगत मुलाकातों के इर्द-गिर्द रहा। ऐसे में राजनीतिक जानकार इसे संगठन के भीतर की स्थिति को समझने और स्थानीय नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने की कवायद के रूप में देख रहे हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव जिस आत्मविश्वास के साथ समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की बात करते नजर आए, उसने कार्यकर्ताओं में भी उत्साह पैदा किया। उनके बयानों में चुनावी तैयारी के साथ संगठन पर भरोसा दिखाई दिया। माना जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा के राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने के लिए सहारनपुर का विशेष महत्व है। यही कारण है कि अखिलेश यादव ने दौरे के दौरान अलग-अलग वर्गों और संगठन से जुड़े प्रमुख चेहरों से संपर्क साधने पर जोर दिया।
दौरे के दौरान सपा जिलाध्यक्ष अब्दुल वहीद, विधायक आशु मलिक, विधायक नाहिद हसन, सांसद इकरा हसन, पार्षद मंसूर बदर, पार्षद फाहद सलीम, इंजीनियर बृजेश शर्मा, पूर्व विधायक माविया अली और पूर्व विधायक ठाकुर वीरेंद्र सिंह शायान मसूद, परीक्षित चौधरी, ठाकुर विलास राणा, अनुज मदनूकी, वासिल तोमर, राव वजाहत, बासिल तोमर, प्रवीण बांदुखेड़ी,सोनू चौधरी, इंजी विजेश शर्मा, सैय्यद हससान सहित समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। अलग-अलग स्थानों पर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और स्वागत से पार्टी संगठन में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
सियासी नजरिए से देखें तो अखिलेश यादव का यह दौरा केवल शिष्टाचार मुलाकातों तक सीमित नजर नहीं आया। नेताओं के आवास पर पहुंचना, कार्यकर्ताओं से मिलना और 2027 में सरकार बनाने का विश्वास जताना पार्टी की चुनावी रणनीति की ओर संकेत करता है। हालांकि चुनाव अभी दूर है और राजनीतिक परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं, लेकिन सहारनपुर में सपा प्रमुख की सक्रियता ने जिले की राजनीति में चुनावी चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।
दौरे के दौरान अखिलेश यादव जिस तरह वरिष्ठ नेताओं से मिलते और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद करते नजर आए, उससे यह संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन की स्थिति को गंभीरता से देख रहा है। वहीं वरिष्ठ नेताओं की ओर से 2027 में सपा सरकार बनने के दावों ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चुनावी उत्साह को और बढ़ाया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस राजनीतिक सक्रियता को किस तरह संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति में बदलती है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सहारनपुर दौरे को देखते हुए यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस पूरे दिन अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क नजर आई। उनके निर्धारित कार्यक्रम और आवागमन वाले मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
सरसावा एयरपोर्ट से लेकर शहर में विभिन्न नेताओं के आवास तक अखिलेश यादव के पहुंचने और वापस रवाना होने के दौरान पुलिसकर्मी लगातार मुस्तैद रहे। प्रमुख चौराहों, मार्गों और कार्यक्रम स्थलों के आसपास पुलिस एवं यातायात पुलिस की टीमों ने निगरानी बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था के चलते वाहनों के आवागमन पर भी पुलिस की नजर रही।
अखिलेश यादव के काफिले के गुजरने के दौरान यातायात पुलिस ने व्यवस्था को नियंत्रित किया, जबकि स्थानीय पुलिस ने कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा घेरा बनाए रखा। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी के बावजूद पुलिस ने स्थिति पर लगातार नजर रखी।
कड़ी चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच अखिलेश यादव ने सहारनपुर शहर में अपने निर्धारित कार्यक्रम पूरे किए। विभिन्न वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात और कार्यकर्ताओं से संवाद के बाद उनका दौरा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पूरे दौरे के दौरान पुलिस और यातायात विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सक्रिय दिखाई दिए।








