शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। आगामी पेराई सत्र 2026-27 को समय से शुरू कराने और किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने जनपद की चीनी मिलों के यूनिट हेड एवं अध्यासियों के साथ बैठक की। बैठक में मिलों में चल रहे रिपेयर एवं मेंटीनेंस कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान बकाया भुगतान में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी ने गांगनौली और गागलहेड़ी चीनी मिल के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने बजाज ग्रुप की चीनी मिल गांगनौली के यूनिट हेड को पेराई सत्र 2025-26 के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान समय से नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले करीब 98 करोड़ रुपये के समस्त बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान संबंधित किसानों को हर हाल में किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों के भुगतान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसी प्रकार दया शुगर मिल गागलहेड़ी के यूनिट हेड को मिल पर बकाया 2.54 करोड़ रुपये का भुगतान तत्काल करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने मिल रिपेयर एवं मेंटीनेंस कार्य में तेजी लाने को कहा। किसानों की ओर से मिल की मरम्मत और समय से संचालन को लेकर की जा रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने निर्धारित समय सीमा में सभी आवश्यक कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए।
बैठक में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के दौरान जनपद की सभी चीनी मिलों का समय से संचालन सुनिश्चित करने के लिए मिल रिपेयर एवं मेंटीनेंस की स्थिति की मिलवार समीक्षा की गई। संबंधित चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि देवबंद चीनी मिल में 57 प्रतिशत, गांगनौली में 73 प्रतिशत, शेरमऊ में 52 प्रतिशत, गागलहेड़ी में 51 प्रतिशत, बिडवी में 50 प्रतिशत, नानौता में 59 प्रतिशत तथा सरसावा चीनी मिल में 56 प्रतिशत रिपेयर कार्य पूरा हो चुका है।
जिलाधिकारी ने सभी चीनी मिल प्रबंधन को शेष मरम्मत एवं रखरखाव के कार्यों में तेजी लाने तथा पेराई सत्र प्रारंभ होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो और गन्ने की खरीद एवं भुगतान व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो, इसके लिए मिल प्रबंधन गंभीरता से कार्य करें।
बैठक में जिला गन्ना अधिकारी शैलेश कुमार मौर्य सहित संबंधित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और जनपद की चीनी मिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।








