शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर समाज में प्रेम, सद्भाव, नैतिकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई की ओर से रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन और गीता के संदेश को मानव जीवन के लिए प्रासंगिक बताते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ज्ञान, भक्ति, योग, कर्म और पर्यावरण चिंतन के महान प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब धर्म की रक्षा और सज्जनों के कल्याण के लिए ईश्वर अवतरित होते हैं। कुरुक्षेत्र में अर्जुन को दिया गया श्रीकृष्ण का गीता उपदेश आज भी मनुष्य को कर्तव्य, निष्काम कर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने कहा कि व्यापारी वर्ग ईमानदारी, पारदर्शिता, ग्राहक सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाकर भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोग के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतार सकता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से साहस, करुणा, सेवा और नेतृत्व जैसे गुणों की प्रेरणा मिलती है। शीतल टण्डन ने श्रीकृष्ण के पर्यावरण चिंतन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन में प्रकृति और जल संरक्षण के प्रति गहरा लगाव दिखाई देता है। यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कालिया नाग के दमन का प्रसंग पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देता है। उन्होंने लोगों से जन्माष्टमी को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए पौधारोपण, स्वच्छता और जल संरक्षण के कार्यों में भाग लेने का आह्वान किया। बैठक में बताया गया कि 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन श्री हरि दर्शन मंदिर, सनातन धर्मसभा, कृष्णानगर, चिलकाना रोड पर किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ कृष्णलाल मिड्ढा, कर्नल संजय मिड्ढा और शीतल टण्डन द्वारा किया जाएगा। बैठक में जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के. सूरी, पवन कुमार गोयल, रमेश डावर, मुरली खन्ना, अभिषेक भाटिया, अशोक मलिक, संजीव सचदेवा आदि मौजू
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