नई दिल्ली। मध्य भारत में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले चार दिनों के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
12 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने और बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
पहाड़ों पर भूस्खलन से बढ़ी परेशानी
लगातार हो रही बारिश का सबसे ज्यादा असर पहाड़ी राज्यों में दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें प्रभावित हुई हैं। मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 200 से अधिक संपर्क मार्गों के बाधित होने की जानकारी सामने आई है।
उत्तराखंड में तवाघाट-गुंजी मार्ग बंद होने से व्यास घाटी का संपर्क प्रभावित हुआ है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से मलबा हटाने और मार्गों को जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
बिहार में उफनाईं नदियां, सोन बैराज के 69 गेट खोले
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और बिहार के मैदानी हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। रोहतास जिले के इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज के सभी 69 फाटक खोल दिए गए हैं। इससे निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने और जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
राहत-बचाव दलों को किया गया सक्रिय
भारी बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैयार रखा गया है। बंद सड़कों से मलबा हटाने के साथ यातायात बहाल करने का काम भी जारी है। प्रशासन की ओर से लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों से स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते आने वाले दिनों में भी सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है।








