शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को सहारनपुर एमएलसी शाहनवाज खान के निवास पर प्रेस वार्ता कर मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान और अधिकारों से जुड़ा मामला बताया तथा कहा कि इस मामले में कानूनी लड़ाई मजबूती के साथ लड़ी जाएगी। जरूरत पड़ी तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा।
इमरान मसूद ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद का ध्वस्तीकरण उनके लिए बेहद दुखद और काला दिन है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा की गई ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मस्जिद पक्ष के पास मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
कांग्रेस सांसद ने कलेक्ट्रेट की जमीन के स्वामित्व को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर कलेक्ट्रेट स्थित है, उसी जमीन पर मस्जिद भी थी और उनके अनुसार जमीन का मालिक याकूब है, जो पठानपुरा में रहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि कलेक्ट्रेट के मालिकाना हक को लेकर स्थिति क्या है और जमीन के रिकॉर्ड में किसका नाम दर्ज है।
प्रेस वार्ता के दौरान इमरान मसूद ने बिजली के बिल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिजली का बिल वेबसाइट से निकालकर सामने आया है। उनके अनुसार, इन दस्तावेजों को भी कानूनी लड़ाई में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल राजनीति करने का विषय नहीं है, बल्कि अधिकारों और कानून से संबंधित विषय है।
इमरान मसूद ने कहा कि इस मामले में मस्जिद पक्ष की ओर से सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह मामला आगे चलकर देश में एक नजीर बन सकता है।
कांग्रेस सांसद ने प्रशासन और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों के अधिकारों का लगातार हनन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत हर स्तर पर अपना पक्ष रखा जाएगा।
हालांकि, इमरान मसूद ने प्रेस वार्ता के दौरान लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी के बहकावे में आकर ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो। उन्होंने लोगों से कानून के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई लड़ने तथा सहारनपुर का माहौल खराब न करने की अपील की।
गौरतलब है कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के निर्माण को लेकर प्रशासन की ओर से पहले कहा गया है कि निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध पाया गया था और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया तथा न्यायालय से संबंधित आदेशों के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अब मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में है।








