शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं देखभाल के लिए व्यापक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7,700 से अधिक गो आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को संरक्षण, चारा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विकास भवन में आयोजित बैठक में गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला एवं सदस्य दीपक गोयल ने गो संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। गो आश्रय स्थलों की निगरानी और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक 1,87,065 गोवंश इच्छुक गोपालकों को सुपुर्द किए जा चुके हैं। गोपालकों को भी 50 रुपये प्रतिदिन की दर से भरण-पोषण भत्ता डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है।
जनपद सहारनपुर में वर्तमान में 28 गो आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें करीब 4,000 गोवंश का संरक्षण एवं पालन किया जा रहा है। बैठक के दौरान गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, गोवंश के भरण-पोषण और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी जानकारी साझा की गई।
गौसेवा आयोग के पदाधिकारियों ने कहा कि गो तस्करी और गोवंश से संबंधित कानूनों के उल्लंघन के मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से लोगों से भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने तथा गो संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई।








