शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने के दौरान कुआं मिलने का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। रविवार को बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने पत्रकारों से बातचीत में कुआं मिलने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुएं के सामने आने के बाद पूरे स्थल की पुरातत्व विभाग से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पुराने निर्माण और उसके इतिहास की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
विकास त्यागी ने कहा कि मस्जिद का मलबा हटाने के दौरान करीब 20 फीट गहरा कुआं सामने आया है। उन्होंने कहा कि हिंदू धार्मिक स्थलों और देवस्थानों में कुएं का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने दावा किया कि कलेक्ट्रेट का वर्तमान निर्माण होने से पहले इस स्थान पर मंदिर रहा होगा और बाद में मुगल काल में मंदिर को तोड़कर वहां मस्जिद का निर्माण कराया गया होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में अंतिम स्थिति पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुआं सामने आने के बाद पूरे स्थल की वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच आवश्यक हो गई है। विकास त्यागी ने आशंका जताई कि जांच के दौरान वहां पुराने अवशेष या मूर्तियां भी सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी संभावना की पुष्टि विशेषज्ञों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
विपक्ष के जल्दबाजी में कार्रवाई के आरोप पर प्रतिक्रिया
पत्रकारों ने जब उनसे सवाल किया कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस सहित विपक्षी दल कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के खिलाफ हुई कार्रवाई को जल्दबाजी में लिया गया फैसला बता रहे हैं, तो विकास त्यागी ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि मौके पर कुआं मिलने के बाद मामले को केवल जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताना उचित नहीं है।
विकास त्यागी ने कहा कि कुएं के सामने आने से स्थल के पुराने इतिहास को लेकर जांच की आवश्यकता और बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासन ने जो कदम उठाया है, उसके लिए वह बधाई का पात्र है।
उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग को मौके पर बुलाकर पूरे स्थल की जांच कराई जानी चाहिए। विशेषज्ञ यह पता लगाएं कि कुआं कितना पुराना है, उसका निर्माण किस काल में हुआ और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था। जांच से ही इस स्थान के इतिहास को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन की निगरानी में हटाया जा रहा मलबा
फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर में मलबा हटाने का काम प्रशासन की निगरानी में जारी है। कुआं मिलने के बाद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। पुलिस की तैनाती के साथ स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और आम लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।
कुएं के सामने आने के बाद अब प्रशासन की ओर से पुरातत्व विभाग को सूचना दिए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही कुएं की वास्तविक उम्र, निर्माण की प्रकृति और स्थल से जुड़े ऐतिहासिक दावों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल कुएं को लेकर विभिन्न दावे और चर्चाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष विशेषज्ञ जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।








