शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के मामले में समाजवादी पार्टी का 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज सोमवार, 7 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचने वाला प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी लेगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत करेगा।
सपा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की घटना और उससे जुड़े प्रशासनिक पक्ष की जानकारी हासिल करना है। पार्टी का कहना है कि 4 सितंबर की शाम जिला प्रशासन की ओर से मस्जिद को सील किए जाने की बात कही गई थी, जबकि 5 सितंबर की सुबह मस्जिद को बुलडोजर से गिरा दिया गया। इसी घटनाक्रम को लेकर पार्टी प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करेगा।
ये नेता होंगे प्रतिनिधिमंडल में शामिल
प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, सहारनपुर सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद, महानगर अध्यक्ष हाजी नवाबy अंसारी, सांसद हरेन्द्र मलिक, सांसद इकरा हसन, सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, विधायक अतुल प्रधान, विधायक आशु मलिक, विधायक उमर अली, विधायक रामजीतार सैनी, एमएलसी किरण पाल कश्यप, पूर्व विधायक माविया अली, समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल भारती, पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, पूर्व मंत्री विनीत तेजियान, सपा नेता फैसल सलमानी, सपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य श्याम मसूद, सपा नेता अभिषेक उर्फ टिंकू अरोणा, मुजफ्फरनगर सपा जिलाध्यक्ष ओसामा गाडा, समाजवादी अल्पसंख्यक सभा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी तथा सहारनपुर नगर विधानसभा अध्यक्ष काशिफ अल्ली शामिल रहेंगे। वी
पार्टी के अनुसार प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त से मुलाकात कर घटना से जुड़े तथ्यों और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करेगा। प्रतिनिधिमंडल द्वारा मौके की स्थिति और संबंधित पक्षों से मिली जानकारी के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपे जाने की बात कही गई है।
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद से इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी ने अब अपने प्रतिनिधिमंडल को सहारनपुर भेजने का निर्णय लिया है।








