शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिला एवं महानगर कांग्रेस के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के विरोध में प्रस्तावित कैंडिल मार्च और मौन व्रत कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया। इसी क्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंद्रजीत सिंह निक्कू के निवास पर भी पुलिस पहुंची, जहां मौजूद दर्जनों कांग्रेस पदाधिकारियों को उनके साथ गिरफ्तार किया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी की ओर से गांधी पार्क में कैंडिल मार्च निकालने और मौन व्रत रखने की घोषणा की गई थी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी और नेताओं को उनके घरों पर ही रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिला।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंद्रजीत सिंह निक्कू और प्रवीण चौधरी ने कहा कि शासन-प्रशासन मनमाने तरीके से निर्णय ले रहा है। उन्होंने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि पार्टी इस मामले में कानून के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
अनुज शर्मा और अक्षय चौधरी ने कहा कि कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर संघर्ष गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का सिलसिला जारी रहेगा।
सतपाल बर्मन और पल्लवी अरोड़ा ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल को बुलडोजर से गिराया जाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और कानून के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि मौन व्रत और कैंडिल मार्च जैसे शांतिपूर्ण कार्यक्रम के माध्यम से अपनी बात रखने की तैयारी की गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा धारा 144 लागू कर नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता के आवास पर हुई कार्रवाई के दौरान रामप्रीत, एसएस वालिया, अशोक जैन, हरिओम ठाकुर, रवि कंवर, विक्की वोहरा, अश्वनी शर्मा, सुखविंदर कौर, गिरीश बब्बर, अमित सोनी, संजय ठाकुर, भीम, शुभम समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि धार्मिक स्थल से जुड़े इस पूरे मामले में पार्टी संवैधानिक और कानूनी रास्ते से अपनी लड़ाई आगे बढ़ाएगी। उन्होंने प्रशासन से भी मांग की कि ऐसे मामलों में सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की जाए। नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी गांधीवादी तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।








