नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या 1,355 पहुंची, 4,996 लोग लापता; 13,396 का रेस्क्यू

नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या 1,355 पहुंच गई है। 4,996 लोग अब भी लापता हैं, जबकि 13,396 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।

काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई है, जबकि 4,996 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल सरकार के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, लापता लोगों में करीब 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक 13,396 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के बड़े पैमाने पर खिसकने से अचानक बाढ़ की स्थिति बनी थी। तेज बहाव ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ से सड़कें, पुल, मकान और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है। कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था बहाल करने का काम भी जारी है।

चितवन में सबसे ज्यादा शव बरामद

नेपाल की आपदा प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित जिलों में चितवन से 363 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व से 222, नवलपरासी पश्चिम से 221 और नुवाकोट से 197 शव मिले हैं। वहीं रसुवा में 169, गोरखा में 75, धादिंग में 70 और तनहूं में 38 शव बरामद किए गए हैं। अब तक बरामद शवों में से 98 की पहचान कर उन्हें परिजनों को सौंपा जा चुका है।

लापता लोगों में नुवाकोट के 2,340 और रसुवा के 1,967 लोग शामिल हैं। इनके अलावा करीब 100 सुरक्षा बलों के जवान और सरकारी कर्मचारी भी लापता बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार खोज और पहचान की प्रक्रिया जारी रहने के कारण आंकड़ों में बदलाव संभव है।

हाइड्रोपावर परियोजनाओं में बड़े बचाव अभियान

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में स्थित जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर भी चिंता बनी हुई है। कई परियोजनाओं की सुरंगों और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। बचाव दल मलबे और पानी के बीच सुरंगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान के लिए सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की है। करीब 21,402 सुरक्षाकर्मी खोज, बचाव, राहत वितरण और सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। इनमें नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं।

हाल के दिनों में राहत अभियान के दौरान सुरंगों से कुछ लोगों को जिंदा भी निकाला गया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चार लोगों को हाल में जीवित बचाया गया, जिनमें अपर त्रिशूली-3ए सुरंग से बचाए गए दो नेपाली नागरिक और अपर त्रिशूली-1 सुरंग से बचाया गया एक चीनी नागरिक शामिल है।

भारत और अन्य देशों के विशेषज्ञ मदद में जुटे

नेपाल में जारी इस बड़े राहत अभियान में पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी सहायता मिल रही है। भारत और चीन के विशेषज्ञ नेपाली बचाव दलों के साथ मिलकर अभियान में सहयोग कर रहे हैं। नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उच्च क्षमता वाले ड्रोन, लिडार उपकरण, बेली ब्रिज, डीएनए जांच किट, बड़े पंप और सुरंगों में बचाव के लिए विशेष उपकरण उपलब्ध कराने की अपील की है।

विदेशी नागरिकों की तलाश भी जारी

लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी है। नेपाल सरकार के आंकड़ों के अनुसार करीब 589 विदेशी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल सका है। नेपाल के पर्यटन विभाग ने बताया है कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में लापता विदेशी नागरिकों में बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है।

इस बीच नेपाल में 7 सितंबर को बाढ़ त्रासदी के पीड़ितों की याद में राष्ट्रीय शोक दिवस भी मनाया गया। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां एक ओर लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और सड़क, बिजली तथा दूरसंचार व्यवस्था को बहाल करने का काम जारी है।

नेपाल की यह प्राकृतिक आपदा हाल के वर्षों की सबसे भीषण त्रासदियों में शामिल हो गई है। लगभग दो सप्ताह बाद भी हजारों लोगों के लापता होने के कारण बचाव एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि खोज और सत्यापन अभियान पूरा होने तक मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।

 

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य