शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के हित में बड़ी घोषणाएं करते हुए उनके मानदेय में प्रतिमाह चार हजार रुपये की वृद्धि करने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा हर साल एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये की धनराशि सीधे बैंक खातों में भेजने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का सहारनपुर में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने स्वागत किया।

जनपद अयोध्या से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का मंगलवार को विकास भवन सभागार में सजीव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम, नगर विधायक राजीव गुंबर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। इस दौरान बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं तथा महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का सम्मान भी किया गया।
विकास भवन पहुंचने पर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह को पौधा भेंट कर स्वागत किया। विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का भी पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। राज्य मंत्री ने विकास भवन परिसर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत आयोजित हस्ताक्षर अभियान में शपथ पोस्टर पर हस्ताक्षर कर अभियान का शुभारंभ किया।

सम्मान समारोह में राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने कुपोषण की सैम और मैम श्रेणी से बाहर निकलकर सामान्य पोषण स्थिति प्राप्त करने वाले बच्चों, उनके माता-पिता तथा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को सम्मानित किया। 24 नवजात बालिकाओं को कन्या जन्मोत्सव प्रमाण पत्र और बेबी किट भी वितरित की गईं। इसके अलावा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड), मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), स्पॉन्सरशिप योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री का संबोधन विशेष रूप से आंगनवाड़ी बहनों के सम्मान और उनके हितों को समर्पित था। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों के पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनका योगदान अहम है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। पूर्व में तीन हजार रुपये की वृद्धि कर मानदेय को आठ हजार रुपये किया गया था और अब मुख्यमंत्री ने इसमें चार हजार रुपये की और वृद्धि करते हुए इसे 12 हजार रुपये किए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कदम उठा रही है। पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का निर्णय भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
राज्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनवाड़ी बहनों के परिश्रम, समर्पण और सेवा भाव का सम्मान कर रही है। मानदेय वृद्धि के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को घोषणाओं पर बधाई दी और कहा कि सरकार उनके हितों तथा सम्मान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की घोषणाएं आंगनवाड़ी बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली हैं। नगर विधायक राजीव गुंबर ने भी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मानदेय वृद्धि समेत अन्य सुविधाएं प्रदान किए जाने पर मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार जताया।
कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं।








