राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

9 से 11 सितंबर तक पैटी ऑफेंस की विशेष लोक अदालत और 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत; गांव-गांव पहुंचकर लोगों को किया जाएगा जागरूक

शहरी चौपाल ब्यूरो 
सहारनपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश तथा जनपद न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में आगामी 12 सितंबर को सहारनपुर एवं जनपद की सभी तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले 9, 10 एवं 11 सितंबर को पैटी ऑफेंस की विशेष लोक अदालत भी आयोजित होगी। लोक अदालत को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को प्रचार वाहन रवाना किया गया।
जनपद न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय देवेंद्र सिंह, अपर जिला जज विकास गुप्ता, बार एसोसिएशन अध्यक्ष राहुल त्यागी एवं सचिव पालम राणा ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार वाहन को रवाना किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण और दीवानी कचहरी का स्टाफ मौजूद रहा।
अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी विकास गुप्ता, अपर जिला जज एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रेय शुक्ला तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आशुतोष तिवारी ने बताया कि प्रचार वाहन 8 और 9 सितंबर को सहारनपुर की तहसीलों, गांवों, पंचायतों और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में पहुंचेगा। यहां लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता के साथ-साथ विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए जागरूक किया जाएगा। जागरूकता अभियान में पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) को भी नामित किया गया है।
इन मामलों का होगा निस्तारण
जनपद न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिनियम के वाद, वैवाहिक वाद (तलाक के मामलों को छोड़कर), लघु शमनीय वाद, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के वाद, एनआई एक्ट के मामले, दीवानी वाद, विद्युत अधिनियम से संबंधित वाद, एमवी एक्ट एवं ट्रैफिक ई-चालान, भू-राजस्व के मामले, जनपद न्यायालय में लंबित बैंक ऋण संबंधी विवाद तथा प्रशासन से संबंधित मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का त्वरित समाधान कराना है। इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है। लोक अदालत में निस्तारित मामले की अपील नहीं होती तथा नियमानुसार अदा की गई कोर्ट फीस वापस किए जाने का प्रावधान है।
अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण की अपील
जनपद न्यायाधीश ने सभी अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं संबंधित हितधारकों से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को लोक अदालत की सुविधा का लाभ उठाना चाहिए, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके।
इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्तागण, न्यायालय कर्मचारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से भी लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया।

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