मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक समरसता की पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक मेला गुघाल को शुरू हुए करीब छह दिन हो चुके हैं, लेकिन मेले के बाजार में अभी तक अपेक्षित ग्राहकी दिखाई नहीं देने को लेकर दुकानदारों के बीच चर्चा बनी हुई है। कई स्थानों पर दुकानें खाली नजर आ रही हैं, जबकि बड़ी संख्या में दुकानदारों को अभी अच्छी बिक्री का इंतजार है। हालांकि मेला प्रबंधन का कहना है कि कई दुकानदार अभी दूसरे मेलों में हैं और उनके पहुंचने के बाद बाजार में रौनक बढ़ेगी।
मेला गुघाल का विधिवत शुभारंभ 24 सितंबर को हुआ था और इस बार मेले में 935 दुकानों की व्यवस्था की गई है। नगर निगम की ओर से सुरक्षा, सफाई, पार्किंग और अन्य सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं।
पिछले तीन दिनों में हुई बारिश का असर भी मेले के बाजार पर पड़ा। बारिश के कारण जहां आवागमन प्रभावित रहा, वहीं दुकानदारों को ग्राहकों की कमी का सामना करना पड़ा। पिछले दो दिनों से मौसम में सुधार होने के बावजूद मेले में वह भीड़ नजर नहीं आई, जिसकी दुकानदारों को उम्मीद थी। मेले के कई हिस्सों में दुकानों के आसपास ग्राहकों की संख्या कम दिखाई देने से दुकानदारों की चिंता बढ़ी हुई है।
इधर, मेले में आयोजित होने वाले कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मुस्लिम पार्षदों और समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं की दूरी तथा बहिष्कार की घोषणा को लेकर भी चर्चाएं हैं। मस्जिद प्रकरण के विरोध में कुछ मुस्लिम पार्षदों द्वारा मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने की बात सार्वजनिक रूप से सामने आई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस बार मेला गुघाल के कार्यक्रमों में मुशायरा शामिल नहीं किया गया है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बहिष्कार का असर मेले की ग्राहकी पर पड़ सकता है। हालांकि इसका सीधा प्रभाव बिक्री पर कितना पड़ा है, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसी तरह बजरंग दल नेता विकास त्यागी की ओर से मेले को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद कुछ दुकानदारों द्वारा मेले से दूरी बनाने की चर्चाएं भी हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
दूसरी ओर मेला प्रबंधन इन चर्चाओं को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है। मेला प्रबंधक सनी गुप्ता का कहना है कि अभी कई दुकानदार दूसरे मेलों में हैं और उनके जल्द मेले में पहुंचने की उम्मीद है। उनका कहना है कि दुकानों के किराये में इस बार कुछ वृद्धि हुई है, लेकिन मेले में दुकानदारों और ग्राहकों के लिए पहले की अपेक्षा सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में मेले में भीड़ बढ़ेगी और बाजार में अच्छी ग्राहकी होगी।
मेले को सफल बनाने के लिए नगर निगम की टीम भी लगातार व्यवस्थाओं में जुटी हुई है। महापौर डॉ. अजय कुमार, मेला संयोजक संजय सैनी और मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष पार्षद दिग्विजय चौहान सहित पूरी टीम मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही है। नगर निगम की ओर से सुरक्षा, सफाई, यातायात और पार्किंग समेत विभिन्न व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। मेले की तैयारियों के दौरान प्रशासन की ओर से सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुरक्षा इंतजामों की भी जानकारी दी गई थी।
मेला प्रबंधक सनी गुप्ता ने हाल ही में प्रेस वार्ता कर शहरवासियों से मेले में पहुंचने और खरीदारी करने की अपील भी की थी। वहीं मेला समिति से जुड़े पदाधिकारी लगातार दुकानदारों और आगंतुकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटे हैं।
फिलहाल मेला शुरू हुए छह दिन बीत चुके हैं और बाजार में अपेक्षित रौनक का इंतजार है। बारिश, दुकानदारों की उपलब्धता और विभिन्न संगठनों की गतिविधियों के बीच आने वाले दिनों में मेले की तस्वीर किस तरह बदलती है, इस पर दुकानदारों और आयोजकों की निगाहें टिकी हैं। मेला 15 अक्टूबर तक प्रस्तावित है, इसलिए आयोजकों के पास बाजार को पूरी तरह गुलजार करने के लिए अभी पर्याप्त समय है।








