शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सड़क सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को लेकर यातायात पुलिस ने मंगलवार को स्लीपर एवं सरकारी बसों की विशेष चेकिंग का अभियान चलाया। 29 सितंबर 2026 को माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन में यह अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान सरसावा टोल प्लाजा, जैनपुरा टोल प्लाजा और सय्यद माजरा टोल प्लाजा पर स्लीपर एवं सरकारी बसों को रोककर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। यातायात पुलिस की टीमों ने कुल 33 बसों की चेकिंग करते हुए अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता, उनकी स्थिति और उपयोग योग्य होने की जांच की। इसके साथ ही आपातकालीन निकास द्वारों तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी स्थिति देखी गई।
पुलिस ने बस संचालकों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों की अनदेखी न की जाए और सभी आवश्यक उपकरण बसों में निर्धारित स्थान पर उपलब्ध एवं उपयोग योग्य रखे जाएं। अधिकारियों ने विशेष रूप से लंबी दूरी की स्लीपर बसों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस ने यात्रियों से भी संवाद किया। उन्हें आपात स्थिति में घबराने के बजाय उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों का इस्तेमाल करने, आपातकालीन निकास द्वार की जानकारी रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित तरीके से बस से बाहर निकलने के बारे में जागरूक किया गया। यात्रियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
यातायात पुलिस ने बस चालकों और परिचालकों को निर्धारित वर्दी धारण करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने तथा यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
यातायात प्रभारी अमित तोमर ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल बसों की जांच करना नहीं, बल्कि यात्रियों और बस संचालकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना अथवा किसी आपात स्थिति में जनहानि को कम करने के लिए सुरक्षा उपकरणों का सही स्थिति में होना और उनका तत्काल उपयोग किया जा सकना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि बसों की नियमित जांच और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा।








