शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई ने 15 अक्टूबर से यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को फिलहाल स्थगित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि सरकार को इस शुल्क को स्थायी रूप से वापस लेना चाहिए, ताकि भविष्य में इसे लागू करने की स्थिति उत्पन्न न हो।
शीतल टंडन ने कहा कि देशभर के व्यापारियों ने प्रस्तावित शुल्क के विरोध में अपनी आवाज उठाई थी। व्यापारियों की आपत्तियों और विरोध के बाद सरकार द्वारा इसे स्थगित करने का निर्णय सकारात्मक कदम है। हालांकि, व्यापार मंडल की मांग है कि शुल्क को केवल स्थगित करने के बजाय पूरी तरह वापस लिया जाए।
उन्होंने बताया कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा के नेतृत्व में सहारनपुर सहित देशभर के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसी क्रम में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया गया।
टंडन ने कहा कि यूपीआई के माध्यम से भुगतान आज व्यापार और आम जनजीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इस पर शुल्क लगाए जाने से विशेष रूप से छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी सहमति और असहमति व्यक्त करना सभी का अधिकार है और व्यापारियों की चिंताओं पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले व्यापारियों और संबंधित वर्गों से विचार-विमर्श किया जाए, ताकि किसी निर्णय को लेकर विरोध या आंदोलन की स्थिति पैदा न हो।
बैठक में जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के. सूरी, पवन कुमार गोयल, रमेश डावर, संजय माहेश्वरी और अभिषेक भाटिया सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








