शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। आगामी दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन, रामलीला और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रशासन लवी त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजकों, पीस कमेटी के पदाधिकारियों, संभ्रांत नागरिकों तथा पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी लवी त्रिपाठी ने कहा कि सभी लोग आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करें और त्योहारों को परंपरागत तरीके से मनाएं। किसी भी नई परंपरा की शुरुआत की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने उप जिलाधिकारियों और पुलिस क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और आयोजनों की अनुमति समय से जारी करने को भी कहा।
उन्होंने रामलीला और रावण दहन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयोजन स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। संबंधित विभागों को बिजली, पानी, सफाई और स्वच्छता की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की दुकानों का निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया।
लवी त्रिपाठी ने कहा कि छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लेते हुए समय रहते उसका समाधान किया जाए, ताकि कोई विवाद बड़ा रूप न ले। पुलिस अधिकारियों, वार्डन और स्वयंसेवकों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अप्रिय स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और कानून अपने हाथ में न लें।
बैठक में रामलीला, रावण दहन स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों की थानावार समीक्षा की गई। थानाध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में रामलीला को लेकर किसी विवाद की जानकारी नहीं दी। बैठक में संभ्रांत नागरिकों की ओर से दिए गए सुझावों पर विचार कर उनके निस्तारण का आश्वासन भी दिया गया।
इस अवसर पर एसपी देहात मयंक पाठक, एसपी यातायात शैलेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामभरोस सारण, सभी एसडीएम, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष तथा महेंद्र तनेजा, शीतल टंडन, दलजीत सिंह कोचर और नीना जैन सहित विभिन्न धर्मों के संभ्रांत नागरिक एवं आयोजक मौजूद रहे।








