Saharanpur News: शिक्षक-स्नातक MLC की दोनों सीटों पर BJP की जीत, श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल फिर बने MLC

मेरठ-सहारनपुर शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने 13,241 और दिनेश गोयल ने 12,856 मतों से जीत दर्ज की। दोनों लगातार दूसरी बार विधान परिषद पहुंचे।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर । मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के दोनों प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा ने समाजवादी पार्टी के डॉ. नितिन तोमर को 13,241 मतों से पराजित किया, जबकि स्नातक सीट पर भाजपा के दिनेश गोयल ने सपा प्रत्याशी प्रमेंद्र सिंह भाटी एडवोकेट को 12,856 मतों के अंतर से हराया। दोनों विजयी प्रत्याशी लगातार दूसरी बार इन सीटों पर निर्वाचित हुए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।

मेरठ के सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय स्थित गांधी हॉल में मंगलवार सुबह मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई। निर्वाचन अधिकारी एवं मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी की देखरेख में 14 टेबल पर मतपेटियां खोली गईं। मतगणना के दौरान प्रत्याशियों के एजेंट भी मौजूद रहे। अंतिम परिणाम सामने आने के बाद दोनों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत की पुष्टि हुई।

शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा ने 13,241 मतों से दी शिकस्त

मेरठ-सहारनपुर शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा को कुल 18,099 मत प्राप्त हुए, जबकि सपा के डॉ. नितिन तोमर को 4,858 वोट मिले। इस तरह श्रीचंद शर्मा ने 13,241 मतों के अंतर से जीत हासिल की।

शिक्षक सीट पर कुल 31,214 मतदाताओं ने मतदान किया था। इनमें 28,405 मत वैध पाए गए, जबकि 2,809 मत अवैध घोषित किए गए। श्रीचंद शर्मा की जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी और अपनी खुशी जाहिर की।

इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी सुशील चौधरी को 1,698, सुशील कुमार पुंडीर को 1,579 और डॉ. कुलदीप मलिक को 1,320 मत मिले। हरकेश सिंह को 236, पंकज शर्मा को 243, स्वराज पाल दूहण को 168, बाकर हुसैन को 132 और तनुज गंभीर को 72 वोट प्राप्त हुए।

स्नातक सीट पर दिनेश गोयल ने दर्ज की जीत

स्नातक एमएलसी सीट पर भाजपा प्रत्याशी दिनेश गोयल ने सपा के प्रमेंद्र सिंह भाटी एडवोकेट को 12,856 मतों से पराजित किया। दिनेश गोयल को कुल 24,929 वोट मिले, जबकि प्रमेंद्र सिंह भाटी को 12,073 मत प्राप्त हुए।

स्नातक सीट पर कुल 45,438 मत पड़े। इनमें 41,462 मत वैध और 3,976 मत अवैध घोषित किए गए। निर्दलीय प्रत्याशियों में राहुल कुशवाहा को 1,736, डॉ. अमित जैन को 977, दुष्यंत त्यागी को 607, विक्रांत वशिष्ठ को 454, विजय कुमार त्यागी को 401 और सय्यद अकरम रजा को 285 वोट मिले।

दिनेश गोयल की जीत की घोषणा के बाद भाजपा समर्थकों ने जश्न मनाया और उन्हें बधाई दी।

अमित अग्रवाल और धर्मेंद्र भारद्वाज ने दी बधाई

मतगणना स्थल पर पहुंचे भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज और मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने दोनों विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी। उन्होंने मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की।

अमित अग्रवाल ने जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व, सरकार की नीतियों तथा शिक्षकों और स्नातकों के समर्थन से जोड़कर देखा। वहीं, धर्मेंद्र भारद्वाज ने पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत को जीत का महत्वपूर्ण आधार बताया।

भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, क्षेत्रीय महामंत्री संजीव गोयल सिक्का, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सोमेंद्र तोमर, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, पंडित सुनील भराला, डॉ. राहुल त्यागी, अजय भारद्वाज, राकेश माहेश्वरी और रेनू जोगी समेत अन्य नेताओं ने भी दोनों प्रत्याशियों को बधाई दी।

शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा का राजनीतिक सफर

श्रीचंद शर्मा का जन्म 15 जून 1966 को गौतमबुद्ध नगर जिले के धूम मानिकपुर गांव में हुआ था। उन्होंने ज्योतिष शास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की और केशव माधव शिक्षण संस्थान की स्थापना की।

उनके राजनीतिक और संगठनात्मक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के साथ हुई। वर्ष 1988 में वह संघ के स्वयंसेवक बने। वर्ष 1996 में उन्हें विश्व हिंदू परिषद का जिला प्रमुख बनाया गया। इसके बाद उन्होंने सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और संघ के जिला प्रचार प्रमुख की जिम्मेदारियां संभालीं।

वर्ष 2004 से 2007 तक वह भाजपा के गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष रहे। वर्ष 2013 से 2016 के बीच उन्होंने पार्टी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के रूप में काम किया। वह प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक भी रहे। भाजपा ने वर्ष 2019 में उन्हें शिक्षक एमएलसी सीट से प्रत्याशी बनाया था और वर्ष 2020 में उन्होंने चुनाव जीतकर विधान परिषद में प्रवेश किया।

दिनेश गोयल का शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में योगदान

दिनेश गोयल का जन्म एक जुलाई 1953 को मेरठ जिले के कुराली गांव में हुआ था। विज्ञान वर्ग से स्नातक दिनेश गोयल कारोबारी होने के साथ शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं।

वह राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूशंस ग्रुप के चेयरमैन हैं और कई शिक्षण संस्थानों से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा वह अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं। बागपत के पुरामहादेव स्थित राजकुमार गोयल जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक और गाजियाबाद की श्रीकृष्ण गोशाला के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई है।

वर्ष 2020 में भाजपा ने उन्हें मेरठ-सहारनपुर खंड स्नातक सीट से प्रत्याशी बनाया था। उस चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अब उन्होंने लगातार दूसरी बार इस सीट पर विजय हासिल की है।

शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की भागीदारी

चुनाव में शिक्षक सीट के लिए नौ जिलों में कुल 54,125 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 31,214 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, स्नातक सीट पर 1,28,595 पंजीकृत मतदाताओं में से 45,438 ने मतदान किया।

दोनों सीटों की मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशियों की जीत के आंकड़े सामने आए। श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल के लगातार दूसरी बार निर्वाचित होने से मेरठ-सहारनपुर खंड की दोनों विधान परिषद सीटों पर भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा।

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