फैय्याज अली आब्दी
नानौता (सहारनपुर)। राजकीय महाविद्यालय नानौता में शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. गरिमा चौधरी ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. गरिमा चौधरी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल देश के प्रथम गृहमंत्री थे। अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कठोर निर्णय लेने की क्षमता के कारण उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। सभी को उनके आदर्शों और पदचिह्नों पर चलने का प्रयास करना चाहिए।
राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. इंदु ने कहा कि सरदार पटेल परिश्रमी और दृढ़ इच्छाशक्ति के धनी थे। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के कठोर कानूनों का विरोध करते हुए किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया। खेड़ा के किसानों की समस्याओं के समाधान में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने जीवनभर भारत की एकता और अखंडता के लिए प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाए रखने की शपथ ली।
इस अवसर पर महाविद्यालय कार्यालय से श्रीमती रीना रॉय आर्य, विकास चन्द शर्मा, सुन्दरलाल, सचिन खरे, गोविंदा एवं ओमपाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।








