सहारनपुर में महाकवि सूरदास जयंती मनाई गई, नेत्रहीन छात्रों ने दी शानदार प्रस्तुति

सहारनपुर में सक्षम संगठन द्वारा महाकवि सूरदास जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में नेत्रहीन छात्रों ने प्रस्तुति दी और वक्ताओं ने सूरदास जी के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

 

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। महानगर में महाकवि सूरदास जी की जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सक्षम मेरठ प्रांत की सहारनपुर इकाई द्वारा एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने सूरदास जी के जीवन और उनकी भक्ति भावना से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

गंगोह रोड स्थित चंद्र विहार कॉलोनी में संचालित नेत्रहीन एवं विकलांग कल्याण शिक्षण संस्था में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांत अध्यक्ष राजेंद्र चुघ और दिनेश वर्मा द्वारा सूरदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में ही भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बन गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने संत कवि को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सक्षम के जिला प्रचार प्रमुख हरिओम गणपति सहस्रबुद्धे ने कहा कि सूरदास जी ने अपने जीवन से यह सिद्ध कर दिया कि शारीरिक सीमाएं व्यक्ति की प्रतिभा और भक्ति को सीमित नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि नेत्रहीन होने के बावजूद सूरदास जी ने अपनी आंतरिक दृष्टि के माध्यम से ईश्वर का साक्षात्कार किया और अपनी रचनाओं के जरिए भक्ति साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उन्होंने आगे कहा कि सूरदास जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि हमें अपनी कमियों पर ध्यान देने के बजाय अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहिए और उनका सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूरदास जी की भक्ति और समर्पण ने उन्हें महाकवि की उपाधि दिलाई और आज भी उनकी रचनाएं लोगों के हृदय को स्पर्श करती हैं।

 

कार्यक्रम के दौरान नेत्रहीन छात्रों पवन और शौर्य ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

इस अवसर पर संजय शर्मा, डॉ. अजय सैनी, उदय जैन, गजदीप पुंडीर, संगीता वर्मा, पवन पुंडीर, सोनिया पुंडीर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव पीयूष जैन ने किया, जबकि अध्यक्षता दिनेश त्यागी ने की। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।

इस आयोजन ने न केवल महाकवि सूरदास जी के जीवन और उनके योगदान को याद करने का अवसर प्रदान किया, बल्कि समाज को यह भी संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर व्यक्ति किसी भी चुनौती को पार कर सकता है।

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