शहरी चौपाल ब्यूरो
नागल (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव सधारणसीर में लगाए गए स्मार्ट मीटरों के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्युत वितरण उपखंड अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय पहुंचे और स्मार्ट मीटर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से बिजली बिलों में भारी गड़बड़ी हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का नेतृत्व पूर्व प्रधान सुरेश राणा, किसान नेता नीरज राणा, अलीम अहमद, अश्वनी शर्मा, मोनू राणा, गुलजार, जय भगवान शर्मा, बृजपाल, शिवम चौधरी, जावेद, सतीश और आरिफ सहित अन्य लोगों ने किया। सभी दोपहर करीब 12 बजे एसडीओ कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव में करीब 250 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन लगभग सभी उपभोक्ता किसी न किसी समस्या से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर के चलते बिजली बिल वास्तविक खपत से कहीं अधिक आ रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने उदाहरण देते हुए बताया कि शिवम चौधरी के बिजली मीटर में 1210 रुपये का बैलेंस होने के बावजूद एक ही रात में 354 रुपये का बकाया दिखाकर उनकी बिजली सप्लाई काट दी गई। इस तरह की घटनाएं कई अन्य उपभोक्ताओं के साथ भी हो रही हैं, जिससे लोगों का भरोसा स्मार्ट मीटर प्रणाली पर से उठता जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि गांव में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाकर पुराने मीटर लगाए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एसडीओ कार्यालय पर एक बड़ी पंचायत आयोजित कर आंदोलन को और तेज करेंगे।

इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए कार्यालय परिसर में हलचल का माहौल बना रहा।
वहीं, इस संबंध में एसडीओ संदीप कुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग द्वारा सभी शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ग्रामीणों के इस प्रदर्शन ने स्मार्ट मीटर प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी किया जाता है।









