शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पंचायत चुनाव टलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी रंजिश के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदरौरली में सोमवार को दिनदहाड़े ग्राम प्रधान पति पर जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान पति शाह फैसल अपने साथी मोहम्मद नदीम के साथ सुबह करीब 10:30 बजे किसी कार्य से गांव से बाहर जा रहे थे। जैसे ही वे गांव की सीमा से बाहर निकले, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधान पति मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मोहम्मद उस्मान, सत्तार और भूरा ने किसी तरह घायल को हमलावरों के चंगुल से बचाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि गांव के ही निवासी मुकर्रम अली और जियाउर रहमान ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हमले को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव टलने के बाद से गांव में आपसी रंजिश बढ़ गई थी, जिसके चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद नव दृष्टि नवयुग ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष संजय वालिया थाना देहात कोतवाली पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने में शुरुआत में ढिलाई बरत रही थी और दबाव बनने के बाद ही मुकदमा दर्ज किया गया।
संजय वालिया ने यह भी आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय में घायल ग्राम प्रधान के उपचार में भी लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि जानबूझकर इलाज में देरी की गई, जिससे पीड़ित की हालत और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में ग्राम प्रधानों और उनके परिजनों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है। यदि समय रहते इन घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
इस दौरान प्रधान अशलूब, अब्दुल सलाम, गयूर, मोहम्मद रिजवान, टीनू सहित अन्य लोग जिला चिकित्सालय में मौजूद रहे और पीड़ित के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती रंजिश और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और पीड़ित पक्ष को न्याय कब तक मिल पाता है।








