शामली: प्राक्कलन समिति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश, योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर

शामली कलेक्ट्रेट में प्राक्कलन समिति की बैठक में अधिकारियों को सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अरविंद कौशिक 

शामली। उत्तर प्रदेश विधान सभा की प्राक्कलन समिति (2025-26) की उप समिति के प्रथम अध्ययन दल ने कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति मुकेश चौधरी ने की, जबकि समिति सदस्य लक्ष्मीराज सिंह, डॉ. मंजू सिवाच, शाहिद मंजूर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष रामजी लाल कश्यप भी उपस्थित रहे।

बैठक से पूर्व समिति के सभापति एवं सदस्यों ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना करते हुए उन्हें बाजार विस्तार के लिए प्रेरित किया। विशेष रूप से लड्डू गोपाल की पोशाक तैयार करने वाली महिलाओं को वृंदावन जाकर ऑर्डर प्राप्त करने का सुझाव भी दिया गया।

जिलाधिकारी आलोक यादव और पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र प्रताप सिंह ने समिति के सदस्यों का पुष्पगुच्छ एवं समूह के उत्पाद भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान पंचायती राज, नगर विकास, जल निगम (ग्रामीण व शहरी), परिवहन, आवास एवं शहरी नियोजन, आबकारी, कारागार, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ऊर्जा, गृह, राज्य कर, सिंचाई, ग्राम्य विकास, सहकारिता, शिक्षा, पर्यटन, समाज कल्याण, खाद्य एवं रसद तथा लोक निर्माण विभाग सहित अनेक विभागों के कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

सभापति मुकेश चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राक्कलन समिति का मुख्य उद्देश्य बजट से संबंधित कार्यों को गति देना और योजनाओं के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में नगर पालिका शामली के अधिशासी अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्हें लखनऊ में समिति के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिन विभागों द्वारा संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किए गए, उनके मामलों की जांच के लिए अलग से टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए।

सभापति ने कहा कि उद्घाटन, शिलान्यास एवं भूमि पूजन जैसे कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि सभी प्राथमिक विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट से इनवर्टर लगाए जाएं और “निपुणशाला” स्थापित कर छात्रों के नामांकन को बढ़ावा दिया जाए।

पंचायत विभाग को गांवों में पुस्तकालय और ओपन जिम विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे बच्चों और युवाओं का शारीरिक एवं मानसिक विकास हो सके। आबकारी विभाग को ओवररेटिंग और अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई करने तथा वाणिज्यकर विभाग को राजस्व बढ़ाने के लिए चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

लोक निर्माण विभाग को सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। इसके अलावा नगर निकायों को निर्देशित किया गया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्राथमिकता देकर उनके आर्थिक सशक्तिकरण में सहयोग करें।

बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी ली, जिसमें योजना का नाम, कार्यदायी संस्था, स्वीकृति वर्ष, पूर्णता तिथि, प्रशासनिक स्वीकृति, जारी धनराशि, व्यय, प्रगति प्रतिशत आदि शामिल थे।

अंत में जिलाधिकारी आलोक यादव ने समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सोहनलाल, पीडी डीआरडीए प्रेमचंद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह बैठक जिले में विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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