दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे टोल दरें लागू: गणेशपुर टोल प्लाजा पर वसूली शुरू, कार से भारी वाहनों तक नई दरें तय

दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर गणेशपुर टोल प्लाजा से टोल वसूली शुरू हो गई है। NHAI द्वारा जारी नई दरों के अनुसार कार, बस, ट्रक और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क तय किए गए हैं। स्थानीय वाहन मालिकों को मासिक पास में राहत दी गई है।

विमल शर्मा/ अमित कुमार 

छुटमलपुर। देश के प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल Delhi–Dehradun Expressway पर अब टोल वसूली औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड पर स्थित गणेशपुर टोल प्लाजा से रविवार से टोल टैक्स लागू होने के बाद वाहन चालकों को निर्धारित दरों के अनुसार शुल्क देना अनिवार्य हो गया है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) द्वारा जारी नई दरों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए अलग-अलग टोल शुल्क तय किया गया है। लंबे समय से इस टोल प्लाजा पर वसूली शुरू होने का इंतजार किया जा रहा था, क्योंकि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं।

कार और हल्के वाहनों के लिए नई दरें

कार और जीप जैसे हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 150 रुपये निर्धारित किया गया है। यदि कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापस लौटता है तो उसे 225 रुपये का शुल्क देना होगा। इसके अलावा नियमित यात्रियों के लिए मासिक पास की सुविधा भी दी गई है, जिसकी कीमत 4985 रुपये रखी गई है। यह पास 50 सिंगल यात्राओं तक मान्य रहेगा।

स्थानीय लोगों के लिए राहत की व्यवस्था भी की गई है। टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों को मासिक पास केवल 350 रुपये में उपलब्ध कराया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

वाणिज्यिक वाहनों के लिए अलग दरें

हल्के वाणिज्यिक वाहन और मिनी बसों के लिए एक तरफ का टोल 240 रुपये और दोनों तरफ का 360 रुपये निर्धारित किया गया है। इन वाहनों के लिए मासिक पास 8050 रुपये तय किया गया है।

बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों पर अधिक शुल्क लगाया गया है। इनके लिए एक तरफ का टोल 505 रुपये, दोनों तरफ का 760 रुपये और मासिक पास 16865 रुपये निर्धारित किया गया है।

भारी और विशेष वाहनों पर शुल्क

तीन धुरी वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 550 रुपये, दोनों तरफ का 830 रुपये और मासिक पास 18400 रुपये तय किया गया है।

भारी निर्माण मशीनरी के लिए एक तरफ 795 रुपये, दोनों तरफ 1190 रुपये और मासिक पास 26450 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं बड़े आकार के वाहनों के लिए यह शुल्क और अधिक है, जिसमें एक तरफ 965 रुपये, दोनों तरफ 1450 रुपये और मासिक पास 32200 रुपये लिया जाएगा।

यह एक्सप्रेसवे देश की राजधानी दिल्ली को उत्तराखंड के देहरादून से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण हाई-स्पीड कॉरिडोर है। इसका उद्देश्य यात्रा समय को कम करना और यातायात को सुगम बनाना है। इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीक और एलिवेटेड रोड संरचना का उपयोग किया गया है।

इस एक्सप्रेसवे का कई चरणों में संचालन शुरू हुआ था और इसी वर्ष जनवरी से एलिवेटेड रोड पर वाहनों का आवागमन चालू हो गया था। बाद में 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा इसका औपचारिक लोकार्पण किया गया, जिससे यह परियोजना पूरी तरह जनता को समर्पित हो गई।

टोल वसूली शुरू होने के साथ ही अब इस मार्ग से यात्रा करने वाले लाखों वाहन चालकों पर सीधा असर पड़ेगा। जहां एक ओर लोगों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर एक्सप्रेसवे की बेहतर सड़क गुणवत्ता, कम ट्रैफिक जाम और तेज यात्रा सुविधा से समय की बचत होगी।

व्यापारिक वाहनों के लिए यह मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे माल ढुलाई तेज और सुगम होगी, जिससे लॉजिस्टिक लागत और समय दोनों में कमी आने की उम्मीद है। स्थानीय वाहन चालकों ने मासिक पास की सुविधा को राहतकारी बताया है, हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि टोल दरें अपेक्षाकृत अधिक हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि आधुनिक हाईवे के रखरखाव और बेहतर सुविधाओं के लिए यह शुल्क आवश्यक है।

टोल वसूली शुरू होने के साथ ही Delhi–Dehradun Expressway अब पूरी तरह से नियमित संचालन में आ गया है। यह परियोजना न केवल उत्तर भारत के परिवहन ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

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