शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। Election Commission of India के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मंगलवार को जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में स्थित सील बंद गोदाम का मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदाम में रखी निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा, रखरखाव और अभिलेखीय व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने गोदाम में सुरक्षित रखी इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों (ईवीएम) तथा मतदाता सत्यापन युक्त पर्ची मशीनों (वीवीपैट) की स्थिति का विस्तार से परीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मशीनों के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और रिकॉर्ड संधारण की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि इन मशीनों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और सभी प्रक्रियाएं आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित की जाएं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का सुरक्षित और व्यवस्थित रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से प्रत्येक माह सील बंद गोदाम का निरीक्षण किया जाता है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या कमी को समय रहते दूर किया जा सके और चुनाव संबंधी तैयारियों को मजबूत बनाए रखा जा सके।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदाम की सील, प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा उपकरणों और निगरानी प्रणाली का भी परीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोदाम में प्रवेश केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए और प्रत्येक गतिविधि का अभिलेख संधारित किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी और समय-समय पर जांच की प्रक्रिया जारी रखी जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा कि निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें, ताकि आगामी चुनावों के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्रवण कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
जिले में इस प्रकार के नियमित निरीक्षण से न केवल निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित होती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती भी प्रदर्शित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर की जाने वाली इस प्रकार की जांच से किसी भी संभावित त्रुटि को पहले ही चिन्हित कर सुधार किया जा सकता है, जिससे चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।








