शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र में विकास को लेकर बड़ी पहल सामने आई है। क्षेत्रीय विधायक आशु मलिक के प्रयासों से करीब 100 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिससे क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।
विधायक आशु मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत नगर क्षेत्र में सड़क निर्माण, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत सहारनपुर देहात के 32 में से 31 गांवों को शहरी फीडर से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और लोगों को निर्बाध विद्युत सुविधा मिल सकेगी। यह कदम ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा सत्र के दौरान विधायक द्वारा 3 करोड़ रुपये के विकास प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किए गए थे, जिन पर नगर विकास मंत्री ने सहमति प्रदान की। इसके अतिरिक्त नागादेव नदी पर पुल निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है, जिससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और आसपास के गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।
इसके साथ ही विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 1.10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी मंजूर की गई है। इन कार्यों में सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना, सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार और अन्य आधारभूत परियोजनाएं शामिल हैं।
विधायक आशु मलिक ने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी और लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे कराए जाएंगे, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्थानीय लोगों ने भी इन विकास कार्यों की मंजूरी को क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से जिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, अब उनके समाधान की उम्मीद जगी है।
कुल मिलाकर सहारनपुर देहात में स्वीकृत इन विकास परियोजनाओं से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है। आने वाले समय में इन योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर देखने को मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और जनजीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।








