शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक उस समय गरमा गई जब पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने जन्म-मृत्यु विभाग की व्यवस्था को लेकर सदन में कड़ा रुख अपनाया। बैठक में शहर से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और जनहित से जुड़े अनेक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक के दौरान अरोड़ा ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित व्यवस्था को तीन जोनों में विभाजित करने के बाद आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी समिति से लेकर खाता खेड़ी तक के क्षेत्रों को जोन-2 और जोन-3 में स्थानांतरित किए जाने से लोगों को बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए महापौर और नगर आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लिया और जोन-2 व जोन-3 में अतिरिक्त विंडो खोलने के निर्देश जारी किए। इस निर्णय से नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक में नगर निगम टैक्स पर 20 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसे आम जनता के लिए राहतकारी कदम माना जा रहा है। इसके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन वृद्धि का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुई।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चिंता जताई गई। पार्षदों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था संतोषजनक नहीं है, इसलिए एक नई कंपनी के माध्यम से सफाई कार्य को बेहतर बनाने की योजना पर विचार किया गया। यह भी प्रस्ताव रखा गया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देते हुए सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
बैठक के दौरान विद्युत विभाग और नजूल विभाग द्वारा किए गए खर्च का विस्तृत ब्यौरा भी मांगा गया। नगर आयुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने अन्य वार्डों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया और कहा कि नगर निगम को नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिक प्रभावी और जवाबदेह प्रणाली अपनानी चाहिए।
कुल मिलाकर नगर निगम की यह बैठक कई अहम निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण रही, जिसमें जनहित से जुड़े मुद्दों पर ठोस पहल देखने को मिली। इससे शहर की व्यवस्थाओं में सुधार और नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।








