शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। खाताखेड़ी सड़क प्रकरण के बीच क्षेत्र में उस समय खासा उत्साह देखने को मिला जब देर रात खाताखेड़ी के नागरिकों ने पार्षद एवं नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य मंसूर बदर का भव्य स्वागत किया। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने फूल-मालाओं और गुलाब की पंखुड़ियों से उनका अभिनंदन किया, वहीं महिलाओं ने घरों की छतों से फूल बरसाकर स्वागत को यादगार बना दिया।
देर रात लगभग 12 बजे भी सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिससे यह साफ झलक रहा था कि पार्षद को क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है। स्वागत कार्यक्रम में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों की भागीदारी देखने को मिली।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद डॉक्टर अहसान ने कहा कि जो व्यक्ति जनता के हित में कार्य करता है, उसे सम्मान अपने आप मिल जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों के अनर्गल बयानबाजी करते हैं, लेकिन खाताखेड़ी की जनता समझदार है और काम करने वालों और केवल बयान देने वालों के बीच फर्क करना जानती है।

पार्षद मंसूर बदर ने इस मौके पर कहा कि वह हमेशा जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं और आगे भी क्षेत्र की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में व्यक्ति का मूल्य उसके कर्मों से तय होता है, न कि उसके पद या स्थिति से।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में पार्षद दल ने शहर के विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। चाहे वह जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्या हो, पुराने शहर के वार्डों को निगम क्षेत्र में वापस लाने का मामला हो, या फिर कब्रिस्तान और श्मशान घाट से जुड़े कार्य—हर विषय पर प्राथमिकता के साथ काम किया गया है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि त्योहारों जैसे ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा के दौरान स्ट्रीट लाइट, पानी और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। साथ ही नगर और आसपास के 32 गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए भी टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान कई पार्षद और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में पार्षद मंसूर बदर के कार्यों की सराहना की। क्षेत्र के नागरिकों ने भी भरोसा जताया कि भविष्य में भी इसी तरह विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
कुल मिलाकर खाताखेड़ी में हुआ यह स्वागत कार्यक्रम न केवल एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों के कार्यों का मूल्यांकन जनता सीधे तौर पर करती है और उसी आधार पर अपना समर्थन देती है।








