अरविन्द कौशिक
कैराना । साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सक्रियता एक बार फिर देखने को मिली, जहां साइबर ठगी का शिकार हुए व्यक्ति को बड़ी राहत दिलाते हुए पुलिस ने 94,426 रुपये की पूरी धनराशि वापस कराई। इस सराहनीय कार्रवाई से न केवल पीड़ित को न्याय मिला, बल्कि आमजन में भी पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव पावटी कला निवासी जिकरिया पुत्र मरगूब हसन को एक अज्ञात साइबर ठग ने लोन खाता बंद कराने के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया। ठग ने खुद को बैंक अथवा संबंधित संस्था का प्रतिनिधि बताते हुए पीड़ित को भरोसे में लिया और प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने उससे 94,426 रुपये की धनराशि ट्रांसफर करा ली। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित के होश उड़ गए और उसने तुरंत थाना कैराना में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला के नेतृत्व तथा क्षेत्राधिकारी कैराना के पर्यवेक्षण में साइबर सैल टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर संबंधित खातों की पड़ताल की और ठगी की गई धनराशि को ट्रेस कर उसे सुरक्षित कराया।
साइबर सैल की कुशल रणनीति और तेज कार्रवाई के चलते पूरी 94,426 रुपये की राशि पीड़ित को वापस दिलाई गई। धनराशि वापस मिलने पर जिकरिया और उनके परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई न की होती तो उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलना संभव नहीं था।
इस अभियान में थाना कैराना की साइबर सैल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक समयपाल सिंह, निरीक्षक अपराध योगेन्द्र सिंह, कम्प्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार तथा कांस्टेबल मानवेन्द्र शामिल रहे, जिन्होंने समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस सफलता को हासिल किया। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में त्वरित सूचना और सही समय पर की गई शिकायत से धनराशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस ने इस मौके पर आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अज्ञात कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें, विशेषकर जब वह बैंक, लोन या केवाईसी अपडेट के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी या पैसे की मांग करे। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है और थोड़ी सी सावधानी से बड़ी ठगी से बचा जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि कोई भी साइबर ठगी का शिकार होता है तो बिना देर किए शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित किया जा सके।
इस सफल कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि यदि पीड़ित समय पर शिकायत करे और पुलिस तत्परता से काम करे तो साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरा जा सकता है। कैराना पुलिस की इस उपलब्धि को क्षेत्र में सराहा जा रहा है और इसे साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।








