शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर नगर निगम द्वारा भीषण गर्मी के बीच गोवंश को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। नगर निगम की मां शाकुम्भरी कान्हा उपवन गोशाला में रह रहे 487 गोवंश के लिए आधुनिक मिस्टिंग फॉगर सिस्टम स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार आगामी 15 दिनों के भीतर पूरे गोशाला परिसर में यह सिस्टम पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा, जिससे गोवंश को गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के कारण गोवंश को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अत्यधिक गर्मी के कारण पशुओं में हीट स्ट्रेस, पानी की कमी और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने यह आधुनिक तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है। मिस्टिंग फॉगर सिस्टम के माध्यम से पानी की बेहद बारीक फुहार वातावरण में छोड़ी जाती है, जिससे आसपास का तापमान स्वतः कम हो जाता है और गोशाला परिसर में ठंडक बनी रहती है। इससे न केवल पशुओं को राहत मिलती है, बल्कि उनकी सेहत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इस योजना की खास बात यह है कि यह पूरी तरह वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित है, जो कम पानी में अधिक प्रभावी ठंडक प्रदान करती है। इससे पर्यावरण पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता और पानी की बचत भी सुनिश्चित होती है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम के लागू होने से गोशाला में रहने वाले गोवंश को प्राकृतिक वातावरण जैसा आराम मिल सकेगा।
गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा पिछले वर्ष इस तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीमित क्षेत्र में परीक्षण किया गया था, जिसमें काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। उस दौरान गोवंश के व्यवहार और स्वास्थ्य में सुधार देखा गया था तथा गर्मी के प्रभाव में कमी आई थी। इसी सफलता को देखते हुए इस बार इसे पूरे गोशाला परिसर में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
नगर निगम का मानना है कि मिस्टिंग फॉगर सिस्टम लगने के बाद गोशाला के अंदर तापमान नियंत्रित रहेगा, जिससे पशुओं की सेहत बेहतर बनी रहेगी और हीट स्ट्रेस जैसी समस्याओं से बचाव होगा। यह पहल पशु कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।
पशु कल्याण अधिकारी डॉ संदीप मिश्र ने बताया कि गोशाला में सिस्टम की स्थापना की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम पशुओं के संरक्षण और उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है तथा भविष्य में भी ऐसी योजनाएं लागू की जाती रहेंगी।

नगर निगम की इस पहल को स्थानीय लोगों द्वारा भी सराहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी के बीच इस प्रकार की आधुनिक तकनीकों का उपयोग पशु संरक्षण के लिए बेहद आवश्यक हो गया है। इससे न केवल पशुओं का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
इस प्रकार सहारनपुर नगर निगम का यह कदम गोवंश की सुरक्षा और कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।








