शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए ऑनलाइन ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई रकम में से ₹3,73,132 की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस कराई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
मामले के अनुसार थाना सदर क्षेत्र स्थित न्यू आवास विकास कॉलोनी निवासी यशदेव शर्मा ने 6 जनवरी 2026 को थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात कॉलर ने स्वयं को बैंक कर्मचारी बताते हुए उनसे संपर्क किया और धोखे से आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या तथा पैन कार्ड की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद आरोपी ने उनके खाते से कुल ₹15,59,349 की रकम ऑनलाइन माध्यम से निकाल ली। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 02/2026 के तहत धारा 318(4), 319(2) बीएनएस तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक नगर एवं नोडल अधिकारी (साइबर अपराध) तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। प्रभारी निरीक्षक इन्द्रेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जांच करते हुए ठगी गई रकम में से ₹3,73,132 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई।
धनराशि वापस मिलने के बाद पीड़ित यशदेव शर्मा ने सहारनपुर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर की गई कार्रवाई से उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस पूरे अभियान में निरीक्षक राजीव कुमार सक्सेना, उपनिरीक्षक राकेश पंवार, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल निशांत तथा कांस्टेबल अरुण कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉलर के झांसे में आकर अपनी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, बैंक डिटेल, आधार या पैन नंबर साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in� पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को कम किया जा सके।








