शहरी चौपाल ब्यूरो
नानौता। क्षेत्र की ग्राम पंचायत दादनपुर और याहयापुर में उस समय हलचल मच गई जब जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित पीडब्ल्यूडी की टीम गांव में विकास कार्यों की जांच के लिए पहुंची। सहायक अभियंता लोकेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने गांव में कराए गए कार्यों का गहन निरीक्षण किया, जिससे ग्रामीणों में उत्सुकता और चर्चा का माहौल बन गया।
जांच टीम सबसे पहले ग्राम याहयापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंची, जहां विद्यालय परिसर में बने कमरों, रसोईघर और अन्य निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। टीम ने निर्माण की गुणवत्ता और मापदंडों की जांच करते हुए संबंधित कार्यों की पड़ताल की। जैसे ही टीम के गांव में पहुंचने की सूचना फैली, मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और सभी लोग जांच प्रक्रिया को देखने के लिए उत्सुक नजर आए।
इसके बाद टीम गांव की गलियों और सड़कों पर पहुंची, जहां ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की गहनता से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान टीम ने ग्रामीणों से गांव की प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और लोग विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अपनी राय साझा करते नजर आए।

जांच टीम का नेतृत्व कर रहे पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता लोकेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्राम सभा दादनपुर और याहयापुर में कराए गए विकास कार्यों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि उनके साथ जूनियर इंजीनियर गौरव त्यागी ने भी निरीक्षण में भाग लिया और सभी कार्यों का विस्तार से परीक्षण किया गया है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
वहीं, ग्राम प्रधान पति बिर्जेश कश्यप ने बताया कि जांच के लिए आई टीम को उनके द्वारा पूरा सहयोग दिया गया और गांव में कराए गए विकास कार्यों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराए गए हैं और जांच में सभी तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे।
गांव में पीडब्ल्यूडी टीम के अचानक निरीक्षण से जहां एक ओर हलचल का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस जांच के बाद विकास कार्यों की गुणवत्ता और व्यवस्था में और सुधार देखने को मिलेगा।








