बेहट में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन, दरोगा पर कार्रवाई को 48 घंटे का अल्टीमेटम

सहारनपुर के बेहट में विहिप और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर दरोगा पर कार्रवाई की मांग की। 48 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी।

गय्युर मलिक 

बेहट/सहारनपुर। क्षेत्र में कानून व्यवस्था और कथित विवादित बयान को लेकर शुक्रवार को माहौल गर्म हो गया, जब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता बेहट कोतवाली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने एक उप-निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित उप-निरीक्षक ने न केवल गौ माता के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की, बल्कि संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। इस मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

विश्व हिंदू परिषद के जिला सह मंत्री मनीष योगाचार्य ने बताया कि बीते 26 अप्रैल को ग्राम रतनपुरा में गौकशी की घटना सामने आई थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन के साथ संगठन के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि उसी दौरान उप-निरीक्षक करण नागर ने कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि “यह कोई राम राज्य नहीं है कि गौकशी नहीं होगी,” जिससे कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया।

मनीष योगाचार्य ने बताया कि जब इस बयान का विरोध किया गया तो उप-निरीक्षक ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर भी टिप्पणी की। इस पर संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया कि उनका कार्य कानून हाथ में लेना नहीं बल्कि प्रशासन को सूचना देकर सहयोग करना है।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक अन्य गंभीर मामला भी उठाया। उनका आरोप है कि ग्राम जैतपुर की एक युवती पिछले चार महीनों से कथित ‘लव जिहाद’ का शिकार है, लेकिन इस मामले में भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उप-निरीक्षक द्वारा इस प्रकरण में केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी बेहट ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनुचित आचरण पाया गया तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि विवादित टिप्पणी करने वाले उप-निरीक्षक करण नागर को वहां से हटाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही रतनपुरा में हुई गौकशी की घटना का शीघ्र खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा जैतपुर प्रकरण की भी दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

हालांकि प्रशासन द्वारा दो दिन का समय मांगे जाने के बाद फिलहाल प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया, लेकिन संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला कानून व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों से जुड़ा हुआ है।

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