शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहर को पर्यावरण के अनुकूल और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से महापौर डॉ. अजय कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर एक अहम प्रस्ताव रखा। उन्होंने सहारनपुर मंडल के सभी सरकारी भवनों में गोबर से निर्मित खादी प्राकृतिक गोमय पेंट के उपयोग को अनिवार्य किए जाने का अनुरोध किया।
महापौर ने मुख्यमंत्री को एक पत्र सौंपते हुए बताया कि नगर निगम द्वारा संचालित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला में गाय के गोबर से प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य गौशाला को आत्मनिर्भर बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल
महापौर डॉ. अजय कुमार ने बताया कि यह गोमय प्राकृतिक पेंट कई विशेष गुणों से युक्त है, जो इसे पारंपरिक पेंट से अलग और बेहतर बनाते हैं। यह पेंट जीवाणुरोधक (एंटी-बैक्टीरियल), एंटीफंगल, गंधरहित, विषरहित और पर्यावरण के अनुकूल है। इसके अलावा यह ऊष्णतारोधक (हीट रेसिस्टेंट) भी है, जिससे भवनों के अंदर तापमान संतुलित रहता है और ऊर्जा की बचत होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि देश की तीन प्रमुख प्रयोगशालाओं द्वारा इस पेंट की गुणवत्ता का परीक्षण किया जा चुका है, जिसमें इसे सुरक्षित और उपयोगी पाया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह पेंट न केवल पर्यावरण हितैषी है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
ग्रीन बिल्डिंग की संकल्पना को बढ़ावा
महापौर ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सहारनपुर मंडल के सभी शासकीय भवनों को “ग्रीन बिल्डिंग” के रूप में विकसित करने की दिशा में इस गोमय पेंट का उपयोग अनिवार्य किया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे और गौशालाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
कान्हा उपवन गौशाला में निर्मित इस पेंट के उपयोग से गौशाला की आय में वृद्धि होगी, जिससे वहां रहने वाली गायों के पालन-पोषण और देखभाल में सहायता मिलेगी। यह पहल “आत्मनिर्भर भारत” के दृष्टिकोण को भी सशक्त बनाती है।
मुख्यमंत्री से सकारात्मक पहल की उम्मीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है। यदि यह योजना लागू होती है, तो सहारनपुर मंडल पर्यावरण अनुकूल निर्माण के क्षेत्र में एक उदाहरण बन सकता है।
महापौर डॉ. अजय कुमार की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि स्थानीय संसाधनों के उपयोग और गौसंवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम है। गोमय पेंट के उपयोग से सरकारी भवनों को ग्रीन बिल्डिंग में बदलने की योजना भविष्य में सतत विकास का मजबूत आधार बन सकती है।








