शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर/देवबंद। आगामी 7 मई को योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले देवबंद क्षेत्र में धार्मिक और सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपकर देवबंद का नाम बदलकर ‘देववृंद’ करने की मांग उठाई है।
विकास त्यागी ने कहा कि देवबंद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान ‘देववृंद’ के रूप में रही है, जो समय के साथ अपभ्रंश होकर वर्तमान नाम में परिवर्तित हो गई। उन्होंने बताया कि इस नाम परिवर्तन की मांग लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा उठाई जाती रही है। समय-समय पर इसके समर्थन में जनजागरण अभियान भी चलाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे में यह उचित समय है कि क्षेत्र को उसकी प्राचीन पहचान वापस दिलाई जाए। उनका मानना है कि यदि देवबंद का नाम ‘देववृंद’ किया जाता है तो इससे न केवल ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक आस्था को भी नई पहचान मिलेगी।
इसके साथ ही उन्होंने त्रिपुरा मां श्री बाला सुंदरी देवी मंदिर के विकास का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि इस प्राचीन शक्तिपीठ का समग्र विकास किया जाए और इसे विधिवत ‘तीर्थ क्षेत्र’ घोषित किया जाए। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विकास त्यागी ने कहा कि देवबंद की भूमि सदियों से आस्था और संस्कृति का केंद्र रही है। यहां की धार्मिक विरासत को सहेजना और विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री अपने प्रस्तावित दौरे के दौरान इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेकर क्षेत्र की जनता की भावनाओं का सम्मान करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि बाला सुंदरी शक्तिपीठ का विकास किया जाता है, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पर्यटन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र के व्यापार को गति मिलेगी।
क्षेत्रीय लोगों का भी मानना है कि नाम परिवर्तन और धार्मिक स्थलों के विकास से देवबंद को नई पहचान मिल सकती है। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री के आगामी दौरे पर टिकी है, जहां इस मुद्दे पर किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद की जा रही है।








