शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। महानगर के शास्त्री नगर स्थित बाबा अमरनाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हो गया। कथा प्रारंभ होने से पूर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें क्षेत्र की महिलाओं और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रातः करीब 10 बजे गणेश वंदन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद लगभग 80 श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की प्रतिमा के साथ भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्रा निकाली। बैंड-बाजों की मधुर धुनों और जयकारों के बीच यह यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर शास्त्री नगर व आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करती हुई पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
कलश यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु रास्ते भर भक्ति गीत गाते हुए आगे बढ़ते रहे और जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया और लोगों को धर्म के प्रति जागरूक किया।

दोपहर बाद लगभग 3 बजे मंदिर परिसर में श्रीमद भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर शहर के महापौर डॉ. अजय सिंह और क्षेत्रीय पार्षद अमित त्यागी ने शुभकामनाएं देते हुए आयोजन की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्रथम दिन की कथा में प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित हरिओम आचार्य ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य का लौकिक और आध्यात्मिक विकास होता है। उन्होंने बताया कि कथा सुनने से मन की शुद्धि, आत्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने आगे कहा कि भागवत कथा मनुष्य के जीवन को पावन, मंगलमय और सार्थक बनाने का माध्यम है, जिससे सकारात्मक विचारों का विकास होता है और जीवन में संतुलन बना रहता है।
इस अवसर पर पंडित सचिन भारद्वाज, आचार्य अमित, आचार्य भीम, आचार्य कन्हैया, पंडित अनुज पांडे सहित कई विद्वान आचार्य उपस्थित रहे।
महिला समिति की ओर से सुषमा देवी, ईशा प्रताप, अदिति, प्रतिभा, रितु और निर्मला सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहीं।
मंदिर समिति के संरक्षक अरुण जिंदल, अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सचिव विजय खुराना, कोषाध्यक्ष विजय शंकर शर्मा, कार्तिक, वेदप्रकाश, डॉ. हरदेव सैनी और चौ. विजयपाल समेत अनेक पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और मंदिर परिसर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। यह सात दिवसीय भागवत कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।








