अरविन्द कौशिक
शामली। “जनगणना-2027 हमारा देश- हमारी गणना-सही गणना सशक्त भारत” के उद्देश्य को लेकर शामली कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान पत्रकारों को जनगणना-2027 के विभिन्न पहलुओं, स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया, समयसीमा और तकनीकी व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी आलोक यादव ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के भविष्य की योजनाओं का आधार है। सही और सटीक आंकड़े ही सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए ठोस नीतियां बनाने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक होगी।
जिलाधिकारी ने स्व-गणना की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए बताया कि नागरिक अब स्वयं अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से जनगणना पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले https://se.census.gov.in� पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर से पंजीकरण करना होगा, जिसके बाद ओटीपी के माध्यम से लॉगिन किया जा सकेगा। इसके बाद परिवार की पूरी जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होगी और सबमिट करने से पहले उसकी जांच करना आवश्यक होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी। सरकार द्वारा इस डेटा का उपयोग केवल नीतिगत और विकासात्मक कार्यों के लिए ही किया जाएगा। इसलिए लोगों को बिना किसी संकोच के सही और पूर्ण जानकारी दर्ज करनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि स्व-गणना की अवधि 7 मई 2026 से 21 मई 2026 तक निर्धारित की गई है, जबकि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग टीमों द्वारा सर्वेक्षण किया जाएगा।
जिलाधिकारी आलोक यादव ने बताया कि शामली जनपद में कुल 13 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 10 नगरीय और 3 ग्रामीण चार्ज शामिल हैं। नगरीय क्षेत्रों में चार्ज अधिकारी अधिशासी अधिकारी होंगे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी तहसीलदारों को सौंपी गई है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनगणना कार्य को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
स्व-गणना के दौरान नागरिकों से कुल 34 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें परिवार के मुखिया का नाम, घर में कमरों की संख्या, मकान की स्थिति, पेयजल का स्रोत, बिजली की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, वाहन जैसे कार या जीप की उपलब्धता सहित अन्य बुनियादी जानकारियां शामिल होंगी। इन सभी प्रश्नों के उत्तर देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन करने में मदद करेंगे।
जिलाधिकारी ने पत्रकारों से अपील की कि वे जनगणना-2027 के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग से ही अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सकता है और उन्हें स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि जनगणना में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास में योगदान देने का एक अवसर है। सही आंकड़ों के आधार पर ही सरकार योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकती है और समाज के हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंचा सकती है।
प्रेस वार्ता के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सत्येन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सोहनलाल सहित कई अधिकारी और पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि “आपकी भागीदारी, आपके परिवार और आपके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर स्व-गणना प्रक्रिया को पूरा करें और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।








