सहारनपुर नगर निगम के गैराज विभाग को मिला ISO 9001:2015 प्रमाण पत्र, प्रदेश का पहला निगम गैराज बना

सहारनपुर नगर निगम के गैराज विभाग को गुणवत्ता प्रबंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय ISO 9001:2015 प्रमाण पत्र मिला। महापौर डॉ. अजय कुमार ने इसे नगर निगम की बड़ी उपलब्धि बताया और अन्य विभागों को भी प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर ने स्वच्छता, पारदर्शिता और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नगर निगम के गैराज विभाग को गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित आईएसओ 9001:2015 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के साथ सहारनपुर नगर निगम का गैराज विभाग उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम गैराज बन गया है, जिसे गुणवत्ता आधारित कार्यप्रणाली और आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था के आधार पर यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

नगर निगम के वरिष्ठ गैराज प्रभारी एवं अपर नगरायुक्त प्रदीप यादव तथा सहायक अभियंता एवं गैराज प्रभारी स्वप्निल जैन ने यह प्रमाण पत्र महापौर डॉ. अजय कुमार और नगरायुक्त शिपू गिरि को भेंट किया। इस अवसर पर नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे नगर निगम की बड़ी उपलब्धि बताते हुए खुशी जाहिर की।

सहायक अभियंता एवं गैराज प्रभारी स्वप्निल जैन ने बताया कि महापौर डॉ. अजय कुमार के मार्गदर्शन और नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देशन में गैराज विभाग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए लगातार कार्य किया गया। विभाग में सभी कार्यों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के अनुरूप व्यवस्थित किया गया। वाहन मरम्मत, खरीद प्रक्रिया, इन्वेंट्री प्रबंधन और विशेष रूप से ऑनलाइन फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी बनाया गया।

उन्होंने बताया कि एमआईएस सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन इंडेंट और फ्यूल मैनेजमेंट की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सटीकता आई है। इसके अलावा विभाग में रिकॉर्ड प्रबंधन, वाहन संचालन और ईंधन उपयोग की निगरानी भी तकनीकी रूप से मजबूत की गई है।

नगरायुक्त शिपू गिरि ने इस उपलब्धि पर गैराज विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि आईएसओ प्रमाणन केवल एक सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि सेवा गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल प्रमाण पत्र प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता को बेहतर सेवाएं देना है। उन्होंने कहा कि “स्मार्ट गैराज कम वर्कशॉप” की अवधारणा के तहत ऑटोमेटिक वाशिंग प्लांट, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग और आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं को और अधिक विकसित किया जाएगा।

नगरायुक्त ने कहा कि आईएसओ मानकों को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उन्हें प्राप्त करना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में होने वाले वार्षिक ऑडिट के दौरान भी गुणवत्ता और कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।

महापौर डॉ. अजय कुमार ने कहा कि आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन यह दर्शाता है कि नगर निगम का गैराज विभाग अब एक पूरी तरह “प्रोसेस ओरिएंटेड” और एसओपी आधारित प्रणाली पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम की कार्य संस्कृति में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने स्वयं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढाला है, जो पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण है।

महापौर ने कहा कि देश तभी आगे बढ़ सकता है जब हम अपने कार्यों में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने नगर निगम के अन्य विभागों जैसे जलकल, जन्म-मृत्यु विभाग, निर्माण शाखा और उद्यान विभाग को भी प्रेरणा लेते हुए आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने का सुझाव दिया।

उपसभापति मयंक गर्ग ने भी गैराज विभाग की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक शुरुआत है और इसे भविष्य में और बेहतर तरीके से संभालने तथा विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम यदि इसी तरह आधुनिक तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था के साथ कार्य करता रहा तो आने वाले समय में सहारनपुर नगर निगम प्रदेश के सबसे बेहतर नगर निगमों में शामिल होगा।

आईएसओ प्रमाण पत्र प्रदान करने वाली संस्था सीओएई इंटरनेशनल की प्रमुख आरती घोसला ने बताया कि ऑडिट के दौरान पाया गया कि गैराज विभाग में कार्यों को एसओपी और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग में रिकॉर्ड प्रबंधन, तकनीकी व्यवस्था और पारदर्शिता का स्तर काफी बेहतर पाया गया, जिसके आधार पर यह प्रमाणन प्रदान किया गया।

इस अवसर पर अपर नगरायुक्त मृत्युंजय, महाप्रबंधक निर्माण सुरेश चंद, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार, सहायक नगरायुक्त जेपी यादव सहित कई पार्षद, निगम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

नगर निगम सहारनपुर की यह उपलब्धि न केवल शहर के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और आधुनिक तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो सरकारी संस्थानों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है।

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