शहरी चौपाल ब्यूरो
बेहट। शाकुम्भरी रोड स्थित निरंकारी सत्संग भवन में शुक्रवार को संयोजक स्तरीय निरंकारी महिला संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। समागम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं एवं संत महापुरुषों ने भाग लेकर आध्यात्मिक संदेशों का श्रवण किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की आध्यात्मिक भूमिका, समानता और मानवता के संदेश पर विशेष जोर दिया गया।
समागम को संबोधित करते हुए निरंकारी प्रचारिका किटी गुलाटी ने कहा कि संसार में सभी मनुष्यों के भीतर एक ही परमात्मा का वास है। उन्होंने कहा कि “एक नूर है सबके अंदर, नर हो चाहे नारी” और आत्मा ही परमात्मा का स्वरूप है। इसलिए सभी को आत्मिक दृष्टि से एक-दूसरे से प्रेम, सम्मान और सद्भाव के साथ व्यवहार करना चाहिए। यही संत निरंकारी मिशन का मूल रूहानी संदेश है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और आध्यात्मिक क्षेत्र में भी उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि गृहणी भी ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर समानता और सेवा भावना के साथ संत जीवन जी सकती है। नारी केवल घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने और आध्यात्मिक चेतना फैलाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।
किटी गुलाटी ने निरंकारी मिशन की महान महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जगत माता बुद्धवती जी, राजमाता कुलवंत कौर जी और सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी ने मानवता को ब्रह्मज्ञान का अमूल्य संदेश देकर समाज में नई चेतना जागृत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज भी मानव जीवन को सुख, शांति और प्रेम का संदेश देकर समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने भीतर आत्मविश्वास, प्रेम, सेवा और सहनशीलता जैसे गुणों को विकसित करें और परिवार के साथ-साथ समाज के उत्थान में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर लेता है, तब उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः आने लगते हैं और समाज में भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
समागम में बादशाहीबाग, जाटोवाला, धतौली राघड़, खुर्मपुर और माहेश्वरी खुर्द सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन बहन मीरा ने किया। इस दौरान निरंकारी मिशन के सिद्धांतों और मानव एकता के संदेश को विस्तार से साझा किया गया। समागम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में ब्रांच मुखी राजकुमार एवं संयोजक रघुनाथ प्रसाद ने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, सेवादल अधिकारियों एवं साध-संगत का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
समागम शांतिपूर्ण एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।








